भैसहा गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल का नाबार्ड टीम ने किया भौतिक सत्यापन
Bhaisaha pul: कुशीनगर जिले के भैसहा स्थित गंडक नदी पर प्रस्तावित लगभग चार किलोमीटर लंबे पक्के पुल के निर्माण की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सोमवार को नाबार्ड (NABARD) की उच्चस्तरीय टीम ने प्रस्तावित पुल स्थल का स्थलीय निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विवेकानंद पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस परियोजना को गति देने के लिए नाबार्ड की टीम दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से कुशीनगर पहुंची। टीम ने प्रस्तावित पुल स्थल का विस्तृत निरीक्षण करते हुए परियोजना की व्यवहारिकता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने पुल के संभावित निर्माण स्थल, एप्रोच मार्ग, गंडक नदी की भौगोलिक एवं जल प्रवाह की स्थिति, नदी की चौड़ाई, तटों की मजबूती तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन किया। इसके अलावा परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक बिंदुओं का मौके पर ही भौतिक सत्यापन किया गया, ताकि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
स्थलीय निरीक्षण के समय लोक निर्माण विभाग (PWD), उत्तर प्रदेश सेतु निगम तथा अन्य संबंधित तकनीकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नाबार्ड टीम को परियोजना से संबंधित तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई तथा प्रस्तावित पुल के निर्माण से क्षेत्र को होने वाले लाभों की जानकारी दी।
विधायक विवेकानंद पाण्डेय ने कहा कि भैसहा गंडक नदी पर पक्का पुल बनने से वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। पुल के निर्माण से नदी के दोनों किनारों पर बसे दर्जनों गांवों को हर मौसम में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक विकास होगा तथा लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आने-जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस पुल के निर्माण से कुशीनगर के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने भी नाबार्ड टीम के निरीक्षण का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द ही स्वीकृति प्राप्त कर निर्माण कार्य के चरण में पहुंचेगी।
