गरीब महिला की फरियाद पर डीएम गंभीर, एसडीएम ने मौके पर कराया समाधान
Solution: कुशीनगर जिले में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के समक्ष 3 अगस्त को फरियाद लेकर पहुंची एक महिला की समस्या का समाधान प्रशासन ने मौके पर ही करा दिया। नगर पंचायत छितौनी, तहसील खड्डा और थाना हनुमानगंज क्षेत्र की रहने वाली संतरी देवी पत्नी स्वर्गीय सीताराम ने जिलाधिकारी से अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से भूमि विवाद को लेकर मुकदमा लड़ रही हैं और यह उनकी तीसरी बार जिला प्रशासन के पास फरियाद है।
संतरी देवी ने जिलाधिकारी को बताया कि गाटा संख्या 85 मि. में उनकी कुल 1600 वर्ग मीटर जमीन है। पति की मृत्यु के बाद उनके देवर रामेश्वर ने करीब 180 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर पक्का मकान बना लिया। जमीन खाली करने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। महिला के मुताबिक वर्ष 2017 से वह सिविल कोर्ट में पैरवी कर रही थीं और वर्ष 2019 में धारा 134 के तहत भी मुकदमा दाखिल किया गया था।
महिला की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी न्यायिक पडरौना डॉ. संत राज सिंह बघेल को प्रकरण सौंपा और सात दिनों के भीतर नियमानुसार कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।
निर्देश के क्रम में उप जिलाधिकारी न्यायिक पडरौना डॉ. संत राज सिंह बघेल नगर पंचायत छितौनी स्थित मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी पक्षों से जानकारी लेने के साथ ही प्रकरण की जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि महिला के देवर रामेश्वर द्वारा विवादित जमीन के 180 वर्ग मीटर हिस्से पर पक्का मकान बनाया गया है।
मामले को आपसी सहमति से हल कराने के लिए उप जिलाधिकारी ने गांव के बुजुर्गों और दोनों पक्षों की मौजूदगी में मौके पर चौपाल लगाई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर मकान बना था, उसके मूल्य के बराबर महिला को दूसरे गाटे में जमीन दिलाई गई। जमीन के मूल्य में अंतर को देखते हुए 180 वर्ग मीटर के स्थान पर महिला को 240 वर्ग मीटर जमीन मिली।
समझौते के बाद संतरी देवी ने संतोष व्यक्त किया। वहीं दोनों पक्षों ने गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुए समझौते पर सहमति जताई। इस तरह करीब 10 वर्ष पुराने भूमि विवाद का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते से हो गया।
उप जिलाधिकारी न्यायिक पडरौना डॉ. संत राज सिंह बघेल ने बताया कि महिला वर्ष 2017 से सिविल कोर्ट में मामले की पैरवी कर रही थीं और वर्ष 2019 में धारा 134 के तहत भी मुकदमा दाखिल किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराया जा सकता है, जिससे लोगों को लंबे समय तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
मौके पर क्षेत्र के प्रभारी कानूनगो मधुकर श्रीवास्तव, लेखपाल धर्मेंद्र कुमार समेत ग्रामवासी मौजूद रहे।
