खड्डा स्थित राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर
डॉक्टर नहीं, दिन में अस्पताल पर लटका मिला ताला, मरीज लौटने को मजबूर
HealthDepartment: कुशीनगर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुशीनगर जनपद की खड्डा तहसील स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संचालित राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
अस्पताल में न तो नियमित डॉक्टर की तैनाती है और न ही मरीजों को समय पर दवा एवं उपचार की सुविधा मिल पा रही है। मंगलवार दिन के समय लगभग 12:51 पर अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला।
इलाज कराने पहुंचे कई मरीज काफी देर तक अस्पताल खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। अंततः मरीजों को निराश होकर बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। इससे क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त है। फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन उनकी उपस्थिति भी नियमित नहीं रहती। ऐसे में अस्पताल का लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाएं कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दूर-दराज के गांवों से गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल बंद मिलने पर उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है।
कई मरीजों को मजबूर होकर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां इलाज पर अधिक खर्च करना पड़ता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए तो लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। लेकिन वर्तमान में अस्पताल की अव्यवस्था के कारण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
