Message: निरंकारी राजपिता रमित ने दिया विश्व बंधुत्व और परमात्मा की जानकारी का पावन संदेश
Message:मानवता का दिव्य सन्देश देने के लिए निरंकारी राजपिता रमित जी का कुशीनगर की धरा पर आगमन दिनांक 1 जून को क़ृषि विश्व विद्यालय कुशीनगर के प्रांगण (निकट रामाभार स्तूप ) मे हुआ हजारों निरंकारी श्रद्धालूओ ने इस पावन अवसर पर वसुधैव कुटुंबकम का पावन सन्देश दिया
निरंकारी संत समागम मे देवरिया कुशीनगर,गोरखपुर, महाराजगंज सिद्धार्थ नगर,बस्ती, बलिया, बिहार आदि स्थानों से निरंकारी भक्त पधारें
निरंकारी राजपिता जी ने विश्व बंधुत्व की स्थापना आपसी प्रेम तभी बढ़ सकता है जब आप इस परमात्मा की जानकारी प्राप्त करें हम मंदिर जाए मस्जिद जाए मुबारक लेकिन सबसे पहले इस परमात्मा की जानकारी आवश्यक है
जब हम उसकी परमात्मा जानकारी प्राप्त कर लेते हैं तो हम भी मीराबाई के इसकी आराधना करें संत रविदास तभी भाग्यशाली है
जब हम परमात्मा की जानकारी प्राप्त कर सकें मानव जीवन कि श्रेष्ठता इस परमात्मा की जानकारी से संभव है
निरंकारी संत समागम मे गीत, विचार, कवि दरबार द्वारा जीवन मूल्य, जीवन कि सार्थकता, आपसी प्रेम के सन्देश दिए गए
इस अवसर पर स्थानीय ज़ोनल इंचार्ज कमलेश मणि त्रिपाठी ने सभी का आभार प्रकट किया
