toll rate: हाइवे पर महंगा होगा सफर, 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी टोल दरें! जानिए कितना होगा इजाफा?
toll tag: अगर आप भी अक्सर अपनी कार से हाइवे पर सफर करते हैं
तो यह खबर आपको निराश कर सकती है. जी हां, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण (NHAI) हाइवे पर टोल दर बढ़ाने की तैयारी कर चुका है.
आने वाली 1 अप्रैल से गुरुग्राम से गुजरने वाले हाइवे और एक्सप्रेसवे पर चढ़ना महंगा हो जाएगा.
सूत्रों का दावा है कि दिल्ली-जयपुर हाइवे के खेड़की दौला टोल प्लाजा,
गुड़गांव-सोहना रोड पर घामडौज टोल प्लाजा को पार
करने के लिए 5 से 10 प्रतिशत ज्यादा टोल टैक्स देना पड़ेगा.
खेड़कीदौला पर दोनों तरफ के 160 रुपये
इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टोल रेट में 3 से 6 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की
उम्मीद की जा रही है. सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से मार्च के अंतिम सप्ताह तक
प्रस्तावों पर गौर किया जाएगा. आपसी बातचीत के आधार पर ही टोल की नई दरों को
मंजूरी दी जाएगी. खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर एक तरफ से जाने के लिए
80 रुपये का टोल चुकाना होता है. इस टोल पर वापसी पर्ची का
सिस्टम नहीं है तो वापसी में भी आपको 80 रुपये देने पड़ते हैं.
रोजाना 60 से 70 हजार वाहनों की आवाजाही
इस तरह जाने-आने के लिए कार चालक को टोल पर 160 रुपये का भुगतान करना होता है.
आने वाले समय में टोल को 80 रुपये से बढ़ाकर 85 रुपये किये जाने का प्लान है.
यानी आपको 160 के बजाय 170 रुपये का भुगतान करना पड़ा सकता है.
खेड़कीदौला टोल प्लाजा से रोजाना 60 से 70 हजार वाहनों की आवाजाही होती है. बदलाव के
बाद इस टोल से गुजरने वालों का सफर 10 रुपये (करीब 6 प्रतिशत) महंगा हो जाएगा.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भी होगी बढ़ोतरी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की शुरुआत हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है.
इस पर 2.19 रुपये प्रति किमी के हिसाब से टोल टैक्स वसूला जाता है.
नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से यहां भी टोल रेट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
एनएचएआई सूत्रों का दावा है कि यहां पर भी टोल रेट में 3 से लेकर 5 प्रतिशत तक का इजाफा हो
सकता है. टोल कितना बढ़ा, इसकी सही जानकारी 30 या 31 मार्च को ही होगी.
सोहना रोड पर स्थित घामडौज प्लाजा पर फोर-व्हीलर को एक तरफ से
115 रुपये और 24 घंटे में वापसी पर 60 रुपये टोल देना होता है. जिसका आने-जाने में कुल खर्च
175 रुपये हुआ. इस टोल पर दोनों तरफ से टोल बढ़ाये जाने की उम्मीद है.
