Piles Cure: पाइल्स की समस्या से निजात दिला सकते हैं ये 5 योगासन, डेली लाइफ में करें शामिल
Piles Cure: पाइल्स एक आम समस्या है जो मल त्याग के दौरान दर्द और परेशानी का कारण बनती है. यह तब होता है जब गुदा के आसपास की नसें सूज जाती हैं और बढ़ जाती हैं.
आज की आधुनिक लाइफस्टाइल और खराब खान-पान के कारण कई सारे लोग पाइल्स (बवासीर) की समस्या का सामना करते हैं.
एक एक्सपर्ट रिपोर्ट के अनुसार, देश के 33% लोग आपने जीवन में कभी न कभी इस बीमारी से गुजरते हैं. योगासन न केवल पाइल्स के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं,
बल्कि वे पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं और मल त्याग को आसान बनाते हैं. कुछ योगासन, जैसे कि सर्वांगासन, पादहस्तासन, पवनमुक्तासन, बालासन और वज्रासन, पाइल्स के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं.
योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार करता है. आइए उन योगासनों के बारे में डिटेल में जानते हैं.
सर्वांगासन
इस आसन में पूरे शरीर को उठाकर ऊपर की ओर ले जाते हैं. यह पेट की अंदरूनी भाग को मजबूत बनाता है. इसे करते समय ध्यान रखें कि रीढ़ की हड्डी सीधी हो और सांसें सामान्य गति से चलती रहनी चाहिए.
यह योग पाचन क्रिया को सुधारता है और पाइल्स से दूर रखता है. इतना ही नहीं, ये आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और कब्ज से राहत देता है. इसके अलावा पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.
पादहस्तासन
इस योग से पेट को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है, पाचन क्रिया सही होता है और पाइल्स के दर्द को कम किया जा सकता है. इस योग की खास बात ये हैं कि इसे नियमित रूप से मल त्याग आसानी से होता है.
इस योग को करते समय ध्यान रखें कि रीढ़ की हड्डी सीधी हो, घुटने मुड़े हुए न हों और शरीर का भार पैरों पर समान रूप से वितरित हो.
पवनमुक्तासन
इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटना होता है. इसके बाद दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर दोनों हाथों से दबाना होता है. इससे पेट पर दबाव पड़ता है जिससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.
ये योगासन पाचन क्रिया को सुधारता है और पाइल्स के लक्षणों को कम करता है. इसे करते समय ध्यान रखें कि सांसें धीरे-धीरे चलती रहे और पेट पर ज्यादा दबाव न पड़े. ये योग गैस, एसिडिटी, कब्ज, बवासीर जैसे कई समस्याओं में लाभकारी होता है.
बालासन
बालासन बहुत आसान योग है. इस आसन में शरीर को आराम दिया जाता है जिससे मानसिक तनाव भी कम होता है.
यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और पाइल्स के लक्षणों को कम करता है. इसे करते समय ध्यान रखें कि रीढ़ की हड्डी सीधी हो, घुटने मुड़े हुए हो और माथा जमीन से सटा हो.
वज्रासन
वज्रासन एक सरल और प्रभावी योगासन है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं. ये योग गैस, एसिडिटी, कब्ज, बवासीर जैसे कई समस्याओं में लाभकारी होता है.
वज्रासन करने में आसान है और इसे सभी उम्र के लोग कर सकते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले, घुटनों के बल बैठ जाएं. ध्यान रखें कि आपके घुटने 90 डिग्री के कोण पर हों और आपके पैरों के तलवे जमीन पर सपाट हों.
अब, अपने पैरों को पीछे की ओर मोड़ें और अपने पैरों के तलवों को आपस में मिला लें. यदि आपके पैरों के तलवे पूरी तरह से नहीं मिल पाते हैं, तो चिंता न करें. जितना हो सके उतना मिलाने का प्रयास करें.
अपनी हथेलियों को अपनी जांघों पर रखें. अपनी हथेलियों को नीचे की ओर रखें और अपनी उंगलियों को फैलाएं. आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें. धीरे-धीरे और गहरी सांस लें.
कुछ मिनट तक इस स्थिति में रहें. यदि आपको शुरुआत में थकान महसूस हो, तो आप धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं.
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