Insurance: इंश्योरेंस खरीदने पर अब लगेगा तगड़ा झटका! देना पड़ सकता है इतना टैक्स
Insurance: मोदी सरकार 2.0 ने इस साल 1 फरवरी को अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश कर दिया.
इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम ऐलान किए.
निर्मला सीतारमण ने इन ऐलान में इंश्योरेंस (Insurance) करवाने वाले लोगों के लिए भी एक अहम घोषणी की.
वित्त मंत्री ने बताया कि 5 लाख रुपये के वार्षिक प्रीमियम से ज्यादा
लाइफ इंश्योरेंस (Insurance) प्रीमियम से इनकम नए वित्तीय वर्ष से यानी 1 अप्रैल 2023 से टैक्सेबल होगी.
बजट 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2023 पेश करते हुए
आयकर नियमों में इस बदलाव के बारे में घोषणा की. हालांकि, वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया
कि नए आयकर नियम से ऐसे प्रीमियम पर मृत्यु लाभ पर टैक्स छूट बनी रहेगी.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि नया आयकर नियम यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) पर लागू नहीं होगा.
इंश्योरेंस
निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण देते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2023 को या उसके बाद जारी की गई
जीवन बीमा पॉलिसियों (यूलिप के अलावा) के लिए कुल प्रीमियम 5 लाख रुपये से ज्यादा है
तो केवल 5 लाख रुपये तक के कुल प्रीमियम वाली पॉलिसी होने वाली इनकम को छूट दी जाएगी.
यह बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर हासिल राशि को प्रदान की गई कर छूट को प्रभावित नहीं करेगा.
यह 31 मार्च 2023 तक जारी बीमा (Insurance) पॉलिसियों को भी प्रभावित नहीं करेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब 5 लाख रुपये की सीमा से ऊपर के वार्षिक प्रीमियम पर
आने वाले बीमा (Insurance) लाभ पर इनकम टैक्स लगाकर अन्य जीवन बीमा उत्पादों को कवर किया है.
हालांकि, यूलिप की सीमा 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष रखा गया है.
ऐसे में एक बार जीवन बीमा पर यह बजट प्रस्ताव लागू हो जाने के बाद 2.5 लाख रुपये तक के वार्षिक प्रीमियम पर
LIP लाभ पर कर छूट प्राप्त होगी, जबकि 5 लाख रुपये प्रति वर्ष
तक के प्रीमियम पर जीवन बीमा (Insurance) लाभ पर टैक्स छूट रहेगी.
