Insurance : खरीदने से पहले चेक करें ये चीजें, एक्सपर्ट की तरह चुन सकेंगे सही..
पॉलिसी लिक्विडिटी की तुलना करें
insurance: इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना एक पेचीदा कार्य है। इसकी बड़ी वजह है
कि insurance कंपनियों की ओर से कई ऐसे नियम व शर्तें जोड़ दी जाती हैं,
जिन्हें बिना किसी जानकारी के समझना एक आम आदमी के लिए काफी मुश्किल हो जाता है।
लेकिन अगर कुछ बिंदुओं पर गौर किया जाए तो आप भी आसानी से
किसी भी insurance पॉलिसी के नियम और शर्तों को समझ सकते हैं।
1.पॉलिसी लिक्विडिटी की तुलना करें
कई सारी इंश्योरेंस पॉलिसी लॉक-इन-पीरियड और जल्दी निकासी पर रोक की शर्तों के साथ आती है।
इस कारण कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से पहले लिक्विडिटी की तुलना करनी चाहिए।
2.वेटिंग पीरियड
हेल्थ और टर्म insurance में इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से वेटिंग पीरियड दिया जाता है,
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जब भी आप कोई भी insurance पॉलिसी लें तो हमेशा वेटिंग पीरियड की तुलना करें।
3.बोनस की अपेक्षा न करें
किसी भी लाइफ insurance पॉलिसी में बोनस कंपनी के मुनाफे पर निर्भर करता है।
इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। इस कारण जब भी आप इंश्योरेंस पॉलिसी लें
तो एजेंट द्वारा बताए गए बोनस के आधार पर तुलना कभी न करें।
4.क्लेम की शर्तों की तुलना करें
किसी भी इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पहले दो और तीन सालों में पॉलिसी के क्लेम को कई बार इस कारण से खारिज
कर दिया जाता है कि ग्राहक की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई थी।
इंश्योरेंस एक्ट 1938 की धारा 45 पॉलिसी लेने के तीन साल बाद
इन कारणों से पॉलिसीहोल्डर का क्लेम रिजेक्ट करने से रोकती है।
5.सुविधा की तुलना करें
ज्यादातर लोग इंश्योरेंस की तुलना करते समय केवल कवरेज और प्रीमियम को देखते हैं,
लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं रहता है। इंश्योरेंस लेते समय आपको
उसमें मिलने वाली सुविधाओं की भी तुलना करनी चाहिए
