Who is Anju कौन है पाकिस्तान जाने वाली अंजू कैसे हुआ नसरुल्लाह से प्यार जिस वजह से लगी है सोशल मीडिया पर आग
Who is Anju: कहते हैं कि इंसान जब प्यार में पड़ जाता है तो उसे अपने प्रीतम से मिलने की अप्रत्याशित तलब होने लगती है। आज कल खबरों में भी ऐसे कई मामले चल रहे हैं, जो इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की सीमा हैदर प्यार में पड़कर भारत आ गई, वहीं इस बार भारत की रहने वाली अंजू अपने प्रेमी से मिलने पाकिस्तान जा पहुंची हैं। यह खबर जब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली तो हर कोई यह जानने के उत्सुक है कि पाकिस्तान जाने वाली अंजू कौन हैं? आइए हम आपको बताते हैं।
अंजू व नसरुल्लाह के बीच प्रेम परवान इस कदर चढ़ता गया
दरअसल, यूपी के बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र की खड़गपुरा गांव की निवासी अरविंद की पत्नी अंजू अपने पाकिस्तान के प्रेमी नसरुल्लाह से मिलने तीन दिन पहले पाकिस्तान (लाहौर) पहुंच गई। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, क्योंकि सीमा हैदर का मामला पहले से ही हाइलाइट है।जानकारी मिली कि राजस्थान के अलवर जिले में भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र है। बलिया के खड़गपुरा निवासी अरविंद अपनी पत्नी अंजू का मायका मध्यप्रदेश का गुना जिला है। उसके पति अरविंद 15 वर्ष की बेटी तथा छह वर्ष के बेटा के साथ प्राइवेट फैक्ट्री में कार्य करते हैं। अंजू भी भिवाड़ी के टपूकड़ा में एक कंपनी में जॉब करती है। इस दरमियान अंजू का फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के प्रेमी नसरुल्लाह से प्रेम हो गया। अंजू व नसरुल्लाह के बीच प्रेम परवान इस कदर चढ़ता गया कि वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए पहले से बने पासपोर्ट को लेकर पाकिस्तान पहुंच गई।
शादी के बाद एक बार बलिया आई थी अंजू
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के खड़गपुरा निवासी अरविंद पुत्र स्व. शिवनाथ की शादी वर्ष 2007 में ईसाई धर्म के रीति-रिवाज के साथ मध्यप्रदेश के गुना जिला निवासी अंजू से हुई थी। शादी के पश्चात अरविंद अंजू को लेकर भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी करने लगा।
यह पूरा प्रकरण राजस्थान का है। इसके बावजूद पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। अभी बहुत कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा है। पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
-मो. फहीम कुरैशी, क्षेत्राधिकारी, रसड़ा।
अंजू की चाची खड़गपुरा गांव की निवासी सुभावती देवी पत्नी शिवकुमार के अनुसार, लगभग 17 वर्ष के शादी के दौरान अंजू मात्र एक बार लगभग 10 वर्ष पूर्व खड़गपुरा आई थी। अरविंद के पिता शिवनाथ का तीन वर्ष पूर्व निधन हो गया था, इसमें अरविंद तो आया लेकिन अंजू नहीं आई थी। अंजू के पाकिस्तान चले जाने से गांव के लोग भी सकते में हैं।
