kidnapping:सावधान! आपके छोटे बच्चों पर भी हो सकती है बदमाशों की नजर, इन बातों का रखना होगा ख्याल
kidnapping: सावधान छोटे बच्चे बदमाशों के निशाने पर हैं। शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) में हुई
वारदात के बाद से आपको अलर्ट रहना होगा। यहां बेटे की चाहत में आरोपित ने
पांच वर्षीय बालक का अपहरण (kidnapping) कर लिया। आगरा में जैतपुर क्षेत्र से आरोपित पकड़ा गया।
बच्चा सकुशल मिल गया। इस वारदात ने नवंबर में शाहगंज क्षेत्र के दौरेठा नंबर दो में हुई वारदात ने ताजा कर दिया।
ढाई वर्षीय मयंक का अपहरण(kidnapping) घर के बाहर से हुआ था। पुलिस ने उसे वृंदावन से मुक्त कराया था।
शिकोहाबाद से बालक का अपहरण पुत्र की चाहत में किया गया था।
बालक का चाचा धीरज काम करके नानेमऊ की ओर से डाहिनी के पास से लौट रहा था।
उस दौरान उसने बच्चे को अंजान युवक के साथ देखा तो उसने सोचा कोई रिश्तेदार बच्चे को ले जा रहा होगा,
लेकिन घर पहुंचने पर बच्चे के अपहरण की जानकारी हुई। इस सूचना पर पुलिस ने कुछ ही घंटे में युवक को धर दबोचा।
इससे पूर्व सिकंदरा क्षेत्र से अपहरण हुआ था। एक महिला ने अपने पति के साथ
एक मजदूर के बच्चे का अपहरण (kidnapping) किया था। बच्चा बेचा जाना था।
छह माह के बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद किया था। सिलसिलेवार ये वारदात यही संकेत दे रहीं हैं
कि बेहद चौकन्ना रहने की जरूरत है। मासूम बच्चे बदमाशों के निशाने पर हैं।
पहले अपहरण की वारदात फिरौती के लिए होती थीं। अपराध में नया ट्रेंड आया है।
निसंतान दंपत्तियों को बच्चे बेचे जाते हैं। भिखारियों के गैंग भी बच्चे खरीदते हैं।
बदमाश किसी को भी बच्चा बेचने के लिए अपहरण कर सकते हैं।
मथुरा स्टेशन से बच्चा चोरी की घटना हुई थी
ब्रज में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें बेटे की चाहत के चलते या तो बच्चा चुराया गया या
उसका अपहरण किया गया। मथुरा में 23 अगस्त 2021 को स्टेशन से एक व्यक्ति सोते हुए
परिवार के पास से बच्चा उठा ले गया था। वीडियो वायरल होने पर जो सच सामने आया
उसने सभी को हैरान कर दिया। उस बच्चे को हाथरस की डॉक्टर दंपति के सहारे
फिरोजाबाद में महिला पार्षद को बेचा गया था। पार्षद और उसका पति निसंतान थे,
इसलिए सबने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। वहींसितंबर में वृंदावन से श्रद्धालु की दो साल की बेटी चोरी
कर ली गई थी। सीसीटीवी के आधार पर तलाश कर बच्ची को बरामद किया गया।
इन बातों का रखें ध्यान
छोटे बच्चे घर के बाहर खेलें तो परिवार का कोई बड़ा सदस्य उन पर नजर रखे।
बच्चों को मोहल्ले की दुकान पर भी अकेले सामान लेने नहीं भेजें। सावधानी बरतें।
बच्चों को सिखाएं किसी अनजान से टॉफी-चॉकलेट नहीं लेते हैं।
बच्चे घर के पास पार्क में खेलने जाएं तो परिवार का कोई सदस्य उनके साथ जाए!
