Constable आरोप! सिपाही ने कहा-छुट्टी मिल जाती तो आज मेरी पत्नी जिंदा होती,पत्र वायरल
Constable: उत्तर प्रदेश के बलिया में कुछ दिन पहले ही नरही थाने का थानेदार रोजाना लाखों रुपए की
वसूली करते पकड़ा गया था।एडीजी और डीआईजी ने खुद छापेमारी की थी।
पिछले हफ्ते थानेदार को गोरखपुर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
अब उसी बलिया में एक दूसरे थानेदार की संवेदनहीनता वाली कारस्तानी सामने आई है।
एक सिपाही की गंभीर बीमारी से मर रही पत्नी के इलाज के लिए छुटटी मांगी तो थानेदार ने डांट कर भगा दिया।
एचएम से डाक लेकर सिपाही जब तक घर पहुंचता उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।
सिपाही (Constable) का पत्र अब वायरल हो रहा है। इसमें उसने थानेदार की करतूत बताते हुए
न्याय की गुहार लगाई है। वायरल पत्र बलिया के एसपी तक भी पहुंचा तो उन्होंने सिकंदरपुर के
पुलिस उप अधीक्षक को जांच का आदेश दिया है।सिपाही (Constable) को एक पांच महीने की बेटी है।
अब उसके सामने बच्ची को अकेले पालने की जिम्मेदारी भी आ गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा सिपाही (Constable) के पत्र
बलिया के सिकंदरपुर थाने पर तैनात प्रदीप सोनकर प्रतापगढ़ का रहने वाला है।
सोशल मीडिया पर वायरल सिपाही के पत्र के अनुसार उसकी पत्नी की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी।
पत्नी का इलाज कराने के लिए सिपाही ने 27 जूलाई को सिकंदरपुर थाना प्रभारी दिनेश पाठक से छुट्टी मांगी तो उसे
डांटकर भगा दिया और छुट्टी नहीं दी। इसके बाद सिपाही ने एचएम से डाक लेकर 29 जुलाई की रात अपने घर के लिए
रवाना हो गया। इससे पहले कि वह घर पहुंचता पत्नी की मौत हो गई।
सिपाही (Constable) ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में यह दावा किया है कि अगर उसे छुट्टी मिल गई
होती तो आज उसकी पत्नी जीवित होती। पत्र के अनुसार सिपाही की पांच माह की बेटी है। उसके सर से अब मां का
साया उठ चुका है। सिपाही ने अपने पत्र में सिकन्दरपुर थाना प्रभारी दिनेश पाठक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने बताया
वहीं, पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से सिपाही का पत्र प्राप्त हुआ है।
इसके बाद पुलिस उप अधीक्षक सिकंदरपुर को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बलिया पुलिस की
संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। वहीं थानेदार का कहना है
कि उससे मौखिक या लिखित कोई छुट्टी नहीं मांगी गई थी। हमारे यहां छुट्टी के लिए एक चैनल बना हुआ है।
महिला सिपाही के पास आवेदन आता है फिर उस पर विचार होता है। सिपाही ने कोई आवेदन भी नहीं किया था।
