bride: अधिकारियों के हाथों विदा हुईं कई दुल्हन नहीं पहुंचीं साजन के घर, हैरान कर सकती है वजह
bride: सामूहिक विवाह के बाद दुल्हनें (bride) साजन के घर नहीं पहुंची।
काजी ने भी निकाह पढ़ाने के नाम पर दिखावा किया। इसलिए निकाह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सामूहिक विवाह योजना में सरकारी लाभ लेने के लिए दुल्हन (bride) के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया।
कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। अधिकारी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार आर्थिक रूप से गरीब लड़कियों की सरकारी खर्च पर
शादी कराई जाती है। लेकिन महत्वकांक्षी योजना को दुल्हन (bride) के नाम पर फर्जीवाड़े की दलदल में धकेल दिया।
आगापुर बाईपास स्थित एक वैंक्टहाल में 6 और 7 फरवरी को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था।
दो दिन में हिंदू और मुस्लिम 1002 जोड़ों का विवाह कराने का दावा किया जा रहा है।
सरकारी विवाह के बाद भी कोई दो सप्ताह बाद तो कोई महीने भर बाद विवाह करने जा रहा है।
तमाम जोड़ों की तो काफी समय पहले शादी भी हो चुकी है। इसके बाद भी उनके हाथों मे विवाह का सर्टिफिकेट और
गिफ्ट थमा दिए। विवाह के नाम पर फर्जीवाड़े के कई मामले पकड़ में आ चुके हैं।
केस नंबर एक
विकास खंड शाहबाद के नरखेड़ा गांव निवासी शेर सिंह की पुत्री बीना के विवाह की रस्म अदायगी
सात फरवरी को सरकारी कार्यक्रम में किशनपुर अटरिया के सचिन के साथ हो चुकी है।
बीना को विवाह का सर्टिफिकेट और गिफ्ट भी दिए जा चुके हैं।
लेकिन उसकी बारात 21 फरवरी को आ रही है। शेर सिंह ने बताया कि 20 फरवरी को उसकी पुत्री की लगुन जाएगी
और 20 फरवरी को बारात आ रही है। विवाह की सारी तैयारी
पूरी कर ली गई हैं। उसने बताया कि अभी सामान भी नहीं उठाया है।
केस नंबर दो
नरखेड़ा गांव के महेंद्र पाल की पुत्री चांदनी की भी सात फरवरी को सरकारी तौर पर
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मीरगंज(बरेली) निवासी माखन लाल के बेटे बब्लू के साथ सात फेरों की रस्म अदायगी हो
चुकी है। विवाह का सर्टिफिकेट और गिफ्ट भी मिल चुके हैं। जबकि चांदनी की बारात 23 फरवरी को आ रही है।
महेंद्र पाल ने बताया कि 22 फरवरी को लगुन आ रही है। वहपुरा के पंडित जी सात फेरों के साथ विवाह कराएंगे।
गिफ्ट मिल चुके है, खाते में पैसे आए हैं या नहीं, इसकी अभी जानकारी नहीं है।
केस नंबर तीन
शाहबाद के ही सोहना के रत्न लाल की पुत्र पीतमवती को सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवाह का सर्टिफिकेट और
गिफ्ट मिल चुके हैं। इसके बाद भी उसकी बारात आ रही है। पीतमवती के भाई संजय ने बताया
कि पीतमवती का रिश्ता कोयली के विक्की सागर से तय हो चुका है। 25 फरवरी को लगुन जाएगी
और 26 फरवरी को बारात आ रही है। उसी दिन सात फेरे लिए जाएंगे। विवाह की तैयारी की जा रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार विमल ने बताया, सामूहिक विवाह में मौके पर ही सात फेरे और
निकाह पढ़वाया गया। मौलवी साहब ने एक साथ पांच-पांच जोड़ों को बैठाकर निकाह पढ़ाया।
यह बात स्वयं मौलवी साहब ने बताई थी। शादी का मतलब शादी
होती है। अगर गड़बड़ी की है तो की जांच कराई जाएगी।
विवाहबंधन में बंधे 1002 जोड़े
6 फरवरी – हिंदू जोड़े- 350 , मुस्लिम जोड़े 121
7 फरवरी-हिंदू जोड़े- 354, मुस्लिम जोड़े- 177
प्रत्येक जोड़े पर खर्च किए 51 हजार
35 हजार रुपये नव विवाहिता के बैंक खाते में भेजे
10 हजार रुपये के गिफ्ट
06 हजार रुपए प्रति जोड़े के हिसाब से विवाह कार्यक्रम का खर्च
पहले ही दिन पकड़ में आ गया था फर्जीवाड़ा
बिलारी के दंपति छह फरवरी को निकाह की रस्म अदायगी के लिए काजी के सामने बैठे थे।
इतने में आठ साल का बच्चा पापा कहते हुए उनके पास पहुंच गया। बांद में बच्चे को बाहर भिजवाया
और फिर काजी ने हाथ में कागज का टुकड़ा थमाकर चलता कर दिया।
यह सब कुछ अधिकारी भी देख रहे थे। लेकिन, किसी ने कुछ नहीं कहा।
मुफ्ती वसीम रजा खां रजवी ने बताया, फर्जी तरीके से किसी भी तरह का फायदा उठाना इस्लाम में हराम है।
इस्लाम के कायदे कानून के दायरे में ही पढ़ाया गया निकाह जायज होता है।
निकाह सिर्फ एक बार में एक ही जोड़े का होता। इस्लाम में सामूहिक निकाह की इजाजत नहीं है।
इस्लाम का मजाक उड़ाने वालों को अल्लाह से तौबा करनी चाहिए।
