Sheep farming: भेड़ पालन योजना 2026-27: आवेदन शुरू, 90% तक मिलेगा अनुदान
Sheep farming: कुशीनगर जनपद में भेड़ पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भेड़ पालन योजना लागू की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत जनपद में 5 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना, भेड़ पालन को एक सशक्त स्वरोजगार के रूप में विकसित करना तथा उच्च गुणवत्ता वाले ऊन के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही प्रदेश के कारपेट उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
योजना के अंतर्गत प्रति लाभार्थी 20 मादा भेड़ एवं 1 नर मेढ़ा (कुल 21 भेड़) उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रति इकाई लागत 1,70,000 रुपये निर्धारित है, जिसमें 90 प्रतिशत (1,53,000 रुपये) अनुदान तथा 10 प्रतिशत (17,000 रुपये) लाभार्थी अंश होगा। चयनित लाभार्थियों को अनुदान की राशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
यह योजना पांच वर्षों तक संचालित की जाएगी। चयनित लाभार्थियों से स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र लिया जाएगा तथा समय-समय पर पशु चिकित्साधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा। साथ ही सभी भेड़ों का बीमा कराना अनिवार्य होगा।
पात्रता की शर्तें:
आवेदक जनपद का स्थायी निवासी हो, उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो तथा वह लघु, सीमान्त या भूमिहीन कृषक हो। भेड़ पालन के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। आवेदन के साथ आधार, निवास, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक, प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक प्रमाण पत्र तथा कम से कम 3 वर्ष तक भेड़ पालन करने का शपथ-पत्र संलग्न करना होगा।
यदि आवेदन संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभागीय पोर्टल विकसित होने तक इच्छुक पशुपालक अपने आवेदन ऑफलाइन माध्यम से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, कुशीनगर में जमा कर सकते हैं। आवेदन की तिथि 6 मई 2026 से शुरू होकर 25 मई 2026 तक निर्धारित की गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जनपद के पशुपालकों से इस लाभकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
