Doctor’s Day: डॉ संदीप कुमार होम्योपैथीक फिजिशियन ने बताया की स्वस्थ जीवन हर किसी की प्रियोरिटी लिस्ट में टॉप पर होता है। कहा भी गया है कि, ‘सेहत सबसे बड़ी पूंजी’ है। हेल्दी व्यक्ति ही लाइफ को सही तरह से एन्जॉय कर सकता है और इसमें डॉक्टर्स का रोल बहुत अहम होता है।
छोटी-बड़ी हर तरह की बीमारियों को डॉक्टर्स की मदद से ठीक किया जा सकता है। शायद इसलिए ही इन्हें भगवान का दर्जा मिला हुआ है। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस प्रसिद्ध डॉक्टर और बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधान चंद्र राय के सम्मान में मनाया जाता है।
भारत में 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे?
वैसे तो दुनियाभर के अलग- अलग देशों में डॉक्टर्स डे को अलग-अलग दिन मनाया जाता है, लेकिन भारत में इस दिन को 1 जुलाई को सेलिब्रेट किया जाता है,
क्योंकि 1 जुलाई 1882 में इंडिया के फेमस फिजीशियन डॉ. बिधान चंद्र राय का जन्म हुआ था और उनका निधन भी 1 जुलाई को ही साल 1962 में हुआ था।
चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के मकसद से 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाने की शुरुआत की गई थी।
डॉक्टर्स डे मनाने का उद्देश्य
इस दिन को मनाने का मकसद डॉक्टर्स के योगदान, उनके कार्यों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। जो अपने सुख-दुख को त्याग कर मरीजों के लिए जीते हैं।
समाज को रोगमुक्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, तो उनके इस योगदान को सेलिब्रेट करना है इस दिन को मनाने का मकसद।
कोविड संक्रमण के दौरान डॉक्टर्स ही थे, जो बिना अपनी जान की परवाह किए घंटे लगातार ड्यूटी कर रहे थे। कई डॉक्टर्स ने अपनी जान भी गंवा दी। इन डॉक्टर्स के बलिदान को भी आज के दिन याद किया जाता है।
“डॉक्टर इस धरती पर भगवान की तरह हैं क्योंकि वे ही हैं जो हमारे जीवन में जीवन और खुशियाँ लाते हैं। सभी डॉक्टरों को डॉक्टर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएँ।“
डॉ संदीप कुमार होम्योपैथीक फिजिशियन
