Transgender को मिलेंगी सरकारी सुविधाएं, बनेगी आईडी, कैंप भी लगाए जाएंगे
transgender: UP में निवास करने वाले ट्रांसजेण्डर को सरकारी सुविधाएं
मुहैया करवाने के लिए उनकी आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी के आधार पर
उनके पंजीकरण होंगे और फिर उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली
सहूलियतें मिल सकेंगी। समाज कल्याण विभाग की ओर से जल्द ही
इस बाबत जिले और तहसील स्तर पर कैंप आयोजित होंगे। इस योजना के
प्रभारी अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने रविवार को बताया कि सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को
इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उन्हें कुछ धनराशि भी आवंटित की गई है।
इन जिला समाज कल्याण अधिकारियों से कहा गया है कि वह
अपनी सुविधा के अनुसार जिला या तहसील स्तर पर ट्रांसजेण्डर के टोलों और
अन्य रिहायशी स्थलों को चिन्हित करवाते हुए उसके आसपास कैम्प आयोजित करें
और कैम्प में आने वाले ट्रांसजेण्डर की आईडी बनवाएं। इसके लिए
किन्नर कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधियों, जिला स्तर पर बनी कमेटी
और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि आईडी बन जाने के
बाद इन ट्रांसजेण्डर को पढ़ाई करने पर छात्रवृत्ति, बीमारी पर मुफ्त उपचार,
कौशल विकास के तहत ट्रेनिंग दिलवाकर उन्हें स्वत: रोजगार से जोड़ने जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
इसके अलावा प्रदेश में चल रहे वृद्धाश्रमों में भी बेसहारा बुजुर्ग ट्रांसजेण्डर को रहने की सहूलितयत मिलेगी।
कैसे कर सकते हैं आवेदन
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। जिले में रह रहे
ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र आवेदक, जो अभी तक पहचान पत्र नहीं बनवा सके हैं,
वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर इसका लाभ उठा सकते हैं।
पहचान पत्र जारी करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की ओर से
राष्ट्रीय पोर्टल http:/transgender.dosje.gov.in तैयार किया गया है।
उभयलिंगी व्यक्ति वेबसाइट पर जाकर उसका लाभ उठा सकते हैं ।
इससे उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। आवेदन करने के साथ आवदकों को शपथ पत्र भी देना होगा।
जिला स्तरीय कमिटी करेगी निर्णय
ऑनलाइन आवेदन करने के पीछे विभाग का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को
पारदर्शी व सुविधाजनक बनाया जाना है। इसके साथ ही पहचान पत्र के लिए
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में
बनी जिला स्तरीय कमिटी निर्णय करेगी। इस समिति में भी ट्रांसजेंडर समुदाय का
प्रतिनिधित्व रखा गया है। इसके बाद विभाग से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
