PMO के फर्जी अधिकारी का रौब, तस्वीरों से हुए चौंकाने वाले खुलासे
PMO का फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला संतोष उर्फ अभिषेक प्रताप सिंह का रुतबा इतना था
वह किसी भी शहर में जाता वहां पुलिस उसकी आवभगत करती थी।
उसके फोन पर मिलीं कुछ तस्वीरों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
एक तस्वीर में वह काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिस सुरक्षा में दर्शन करने जाते हुए दिख रहा है।
इतना ही नहीं वह कई अफसरों के घर पार्टियों में भी शामिल हुआ, जहां उसने अपने संबंध आला अफसरों से बनाए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संतोष के दो मोबाइल फोन जांचने पर उसमें काशी विश्वनाथ के अलावा एक दो
अन्य जगहों की तस्वीरें भी मिली हैं। यह तस्वीरें 2022 की बताई जा रही हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में उसके साथ तीन-चार पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जो उसे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करा रहे हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद
ठग को पूरे प्रोटोकॉल के साथ सरकारी गेस्ट हाउस तक छोड़ा गया था।
अधिकारियों के घर पार्टी में होता था शामिल
संतोष उर्फ अभिषेक प्रताप सिंह के बारे में पुलिस जानकारियां जुटा रही है।
इस दौरान यह भी पता चला है कि इन्हीं पार्टियों के जरिए वह अफसरशाही में अपनी पैंठ और मजबूत करता था।
यहां पर नए अफसरान से उनके सीनियर के जरिए मुलाकात करना और
फोन नम्बर एक्सचेंज होने के बाद वह सीधे उनके सम्पर्क में आ जाता था।
आईपीएस अधिकारी के नाम पर थी बुकिंग
वाराणसी में मंदिर में दर्शन के बाद जिस सरकारी गेस्ट हाउस में आरोपित संतोष रुका था।
वहां पर किसी आईपीएस अधिकारी के नाम पर कमरा बुकिंग थी।
जिसके कारण उसे पूरा प्रोटोकॉल दिया जा रहा था। आरोपित
संतोष उस सरकारी गेस्ट हाउस में करीब दो से तीन दिन तक रुका था।
दो वरिष्ठ अधिकारियों के सम्पर्क में आया था
सूत्रों के मुताबिक, ऐसी पार्टियों में जाने के दौरान संतोष उर्फ अभिषेक प्रताप सिंह
दो वरिष्ठ अधिकारियों के सम्पर्क में आ गया था। उसने कई बार उनके जरिए
दूसरे जिलों में अधिकारियों को फोन भी कराए और इसके बाद उनसे कुछ काम भी करवाए।
वाराणासी में एक डाक्टर को 22 लाख रुपए भी इन्हीं कामों के से हुई कमाई के दम पर दिया गया था।
