Facebook साइबर अपराधी एकाउंट हैक कर ले तो पुलिस से करे शिकायत
Facebook: फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर साइबर अपराधी अब किसी को परेशान नहीं कर सकेंगे।
पीड़ित की शिकायत पर संबंधित थाने की पुलिस अकाउंट को तत्काल बंद कर सकेगी।
Facebook की अनुमति पर नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेल ने थानों को यह अधिकार दे दिया है।
पहले यह अधिकार केवल एसपी स्तर के अधिकारी को था। वाट्सअप और फेसबुक के बढ़ते उपयोग के कारण
जहां सूचनाओं का आदान-प्रदान काफी आसान हो गया है। वहीं इसके दुष्परिणाम से भी
लोगों को जूझना पड़ रहा है। खासकर साइबर अपराधों में वृद्धि हो गई है।
अपराधी किसी भी व्यक्ति का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर उसे परेशान करने लगे हैं।
किसी के फर्जी फेसबुक अकाउंट से पैसे की मांग की जाती है तो किसी की न्यूड फोटो बनाकर
वायरल करने की धमकी भी साइबर अपराधी देते हैं। इसी को ध्यान में रखकर अब नेशनल साइबर
सिक्योरिटी सेल ने फर्जी फेसबुक अकाउंट को बंद करने का अधिकार थानों को दे दिया है।
साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार ने बताया कि यदि कोई पीड़ित अपने थाने या भारत सरकार से जारी की गई
वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत करता है तो पुलिस अपने थानों के सरकारी ई-मेल से
रपट दर्ज कर तत्काल फर्जी अकाउंट बंद कराने के साथ ही साइबर अपराधी का पूरा विवरण भी पता कर लेगी।
किसने किस मोबाइल या ई-मेल से फर्जी अकाउंट बनाया है। किस इंटरनेट के आईपी से चलाया जा रहा है।
इन दिनों साइबर अपराधों में वृद्धि हो गई है। अपराधी किसी भी
व्यक्ति का फर्जी Facebook अकाउंट बनाकर उसे परेशान करने लगे हैं।
मेटा डेटा पर उपलब्ध कराया जाएगा सारा साक्ष्य
फेसबुक फर्जी अकाउंट का साक्ष्य सामान्य ई-मेल की बजाय मेटा डेटा पर उपलब्ध कराती है।
मेटा डेटा पर भेजे गए डेटा को कोई भी डिलीट नहीं कर सकता है।
सामान्य ई-मेल से भेजे गए डेटा को आसानी से डिलीट भी किया जा सकता है।
फर्जी अकाउंट किस नंबर या किस ई-मेल से बनाया गया है। फर्जी अकाउंट बनाते समय
किस आईपी का उपयोग किया गया है-इसकी पूरी रिपोर्ट पुलिस को उपलब्ध करा दी जाती है।
फर्जी अकाउंट को इस तरह बंद करेगी पुलिस
पुलिस अपने ब्राउजर पर जाकर facebook.com/record पर क्लिक करेगी। फेसबुक उससे सरकारी ई-मेल मांगेगा।
सरकारी ई-मेल का एड्रेस भेजते ही सरकारी ई-मेल पर लिंक आ जाएगा।
लिंक क्लिक करते ही पुलिस को फार्म मिलेगा, जहां पीड़ित का फर्जी अकाउंट का लिंक,
सीआरपीसी-91 का पत्र और कब से कब तक का रिकार्ड(आईपी) चाहिए।
यह विवरण देना होगा। पुलिस के रिपोर्ट करने के चंद घंटे बाद फर्जी फेसबुक अकाउंट बंद हो जाएगा।
पीड़ित कैसे करें शिकायत
1. शकायती पत्र के साथ फर्जी अकाउंट का लिंक
2. कम्प्यूटर या लैपटाप से लिया गया फर्जी अकाउंट का स्क्रीन शॉट
ब्लैकमेल नहीं कर सकेंगे साइबर अपराधी
सोनभद्र के एएसपी (मुख्यालय) कालू सिंह का कहना है कि पुलिस थानों को
फर्जी Facebook अकाउंट बंद करने की सुविधा दे दिए जाने से अब साइबर अपराधी आम लोगों को ब्लैकमेल नहीं
कर सकेंगे। पीड़ित व्यक्ति तत्काल अपने क्षेत्र के थानों में इसकी शिकायत कर राहत पा सकता है।
