Viruses:इस बीमारी को लेकर यूपी में अलर्ट जारी, रोकथाम के किए जाएंगे इंतजाम
viruses: यूपी के अलीगढ़ जिले में लंपी वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हालांकि जिले में अब तक ऐसा कोई केस सामने नहीं आया है।
सीवीओ डा. दिनेश कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी ब्लाकों में संघन अभियान चलाने के
निर्देश दिए गए हैं। ग्राम प्रधानों से संपर्क कर लंपी वायरस के प्रसार के लेकर प्रणाम पत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं।
इसमें लिखा जाएगा कि संबंधित गांव में लंपी वायरस है या नहीं।
अगर किसी गांव में लंपी वायरस का कोई मामला सामने आता है
तो तत्काल उस क्षेत्र में रोकथाम के इंतजाम किए जाएंगे। रोग ग्रसित पशु को अलग आइसोलेट किया जाएगा।
गोशालाओं में भी यही व्यवस्था लागू होगी। बीमार पशु की स्वस्थ्य होने तक निगरानी की जाएगी।
अगर किसी पशु की मृत्यु हो जाती है तो उसका निस्तारण प्रोटोकॉल के हिसाब से ही होगा।
कुछ इलाकों में गोवंश में फिर फैली लम्पी बीमारी
उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में दुधारू पशुओं में लम्पी त्वचा रोग एक बार फिर पांव पसारने लगा है।
प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने पुष्टि की है कि अभी तक 39 जिलों में 711 पशु लम्पी रोग से प्रभावित हुए हैं
एवं सात जानवरों की मृत्यु हुई है। प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग ने
तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए टीम-09 फिर गठित कर दी है।
धर्मपाल सिंह ने पांच सितम्बर से 12 सितम्बर तक पूरे प्रदेश में वृहद रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा है कि लम्पी रोग से प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन प्लान बनाकर वैक्सीन लगाई जाए
और पशुधन हानि न होने पाए। धर्मपाल सिंह ने अपर मुख्य सचिव डा. रजनीश दुबे को
अधिकारियों द्वारा लम्पी मामलों में लापरवाही पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पशुधन मंत्री ने बुधवार को यहां विधानभवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में
लम्पी रोग के बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक की।
उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया
और कहा कि निर्धारित अवधि में लम्पी प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए कि
अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने इस संबंध में कुशीनगर, महराजगंज और झांसी के
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण लिये जाने के लिए आदेश भी दिये हैं।
उन्होंने कहा कि आईवीआरआई तथा एनआरसी हिसार के सहयोग से 15 हजार लम्पी प्रो-वैक वैक्सीन निशुल्क प्राप्त
कर उपलब्ध कराई जाए और 15 दिनों के भीतर एक लाख डोज की भी व्यवस्था की जाए।
