Electrical workersश्रमिकों की फर्जी नियुक्ति में बिजली निगम के 5 क्लर्क सस्पेंड, कई दफ्तरों तक फैला था जालसाजी के जाल
electrical workers: पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम गोरखपुर जोन के कसया और पडरौना वितरण खण्ड में कूटरचित नियुक्ति आदेश के जरिए श्रमिक पद पर नौकरी पाने वाले चार श्रमिकों की बर्खास्तगी के बाद चल रही जांच में चीफ इंजीनियर ऑफिस के क्लर्क समेत पांच क्लर्कों की मिलीभगत की पुष्टि उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने की है। रिपोर्ट मिलने पर पूर्वांचल एमडी के निर्देश पर सीई और कुशीनगर मण्डल के एसई ने पांच क्लर्कों के खिलाफ शनिवार की देर रात निलम्बन की कार्रवाई की। अब इनके खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा
इसमें सीई कार्यालय के वरिष्ठ कार्यकारी सहायक स्वतंत्र कुमार गुप्ता, नगरीय वितरण खण्ड प्रथम में तैनात कार्यकारी सहायक श्रीराम प्रसाद, वितरण मण्डल कुशीनगर के वरिष्ठ कार्यकारी सहायक इम्तियाज अहमद अंसारी, वितरण खण्ड कसया के कार्यकारी सहायक अभिषेक शर्मा व वितरण खण्ड पडरौना के कार्यकारी सहायक अजय प्रियदर्शी शामिल हैं। जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि 7 साल पूर्व के दो श्रमिकों के नियुक्ति आदेश में चार नाम और जोड़कर कूटरचित नियुक्ति आदेश तैयार करने व नियुक्ति पत्र का सत्यापन कराए बिना ही नियुक्ति कराने का आरोप है।
इस फर्जीवाड़े में कार्यालयों में तैनात तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के इस प्रकरण में सम्मिलित होने से की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में विभागीय नियमानुसार इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की जाती है। पूर्वांचल एमडी कार्यालय से आए आदेश के क्रम में जोन के मुख्य अभियंता ई. आशु कालिया ने अपने कार्यालय के वरिष्ठ कार्यकारी सहायक एसके गुप्ता के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई की है। सीई ने कुशीनगर व नगरीय वितरण मण्डल के एसई को अन्य चार कर्मचारियों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्रवाई से बिजली निगम के अलग-अलग वितरण खण्डों में हड़कंप मचा
इसके क्रम में कुशीनगर वितरण मण्डल के एसई. ई. राधेश्याम ने शनिवार की देररात कसया वितरण खण्ड के कार्यकारी सहायक अभिषेक शर्मा, वितरण मण्डल के वरिष्ठ कार्यकारी सहायक इम्तियाज अहमद अंसारी व वितरण खण्ड पड़रौना के कार्यकारी सहायक अजय प्रियदर्शी को निलम्बित कर अन्य वितरण खण्डों से सम्बंद्व कर दिया है। इस कार्रवाई से बिजली निगम के अलग-अलग वितरण खण्डों में हड़कंप मचा हुआ है। लिपिकों का कहना है कि अधिकारियों को जांच कमेटी ने क्लीन चीट देकर लिपिकों को बलि का बकरा बनाया है।
कूटरचित नियुक्ति आदेश पर इन चारों की तैनाती हुई
फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह ने कूटरचित नियुक्ति आदेश पत्र को मुख्य अभियंता कार्यालय की फाइल में लगवा दिया। मुख्य अभियंता कार्यालय से अधीक्षण अभियंता कुशीनगर को पत्र लिखकर चार कर्मचारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए । इस पत्र के आधार पर वितरण मंडल कुशीनगर के वितरण खंड पडरौना के तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने अक्टूबर 2019 में माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह व योगेंद्र यादव को श्रमिक पद पर नियुक्त कर दिया। कसया खंड के तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने जनवरी 20 में राधेश्याम शर्मा की नियुक्ति की।
तबादले से खुली पोल
दो साल पहले जुलाई-21 में तत्कालीन मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने श्रमिक राधेशॺाम का प्रशासनिक आधार पर तबादला कर सीधे चौरीचौरा खण्ड में तैनाती दी। कुछ माह तक वेतन नहीं मिलने पर उसने शिकायत करनी शुरु कर दी। इसके बाद उसकी र्सिवस बुक पड़रौना खण्ड से मांगी गई। नहीं मिली तो खण्ड के लेखाकार को कुछ आंशका हुई। उन्होने उपमुख्यलेखाधिकारी को मामले से अवगत कराकर फर्जी नियुक्ति की आंशका जताई। उपमुख्य लेखाधिकारी ने तत्कालीन मुख्य अभियंता को बताया। उन्होने एक लेखाकार व दोएक्सईएन की कमेटी बनाकर प्रकरण की जांच शुरु करा दी। इस जांच में फर्जी नियुक्ति आदेश की पोल खुल गई।
जांच रिपोर्ट के बाद चारों की बर्खास्तगी हुई
जांच टीम ने 23 मई 2022 को अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंपी। इसमें राधेशॺाम, माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह व योगेंद्र यादव की नियुक्ति को गलत बताया। तत्कालीन मुख्य अभियंता ने चारों को बर्खास्त कर पडरौना चौरी-चौरा के अधिशासी अभियंता को एफआइआर दर्ज कराकर वेतन की रिकवरी के निर्देश दिए। सभी के खिलाफ मुकामी थाने में केस दर्ज हुआ।
क्या बोले जिम्मेदार
मुख्य अभियंता इं.आशु कालिया ने बताया कि पूर्वांचल एमडी के निर्देश पर फर्जी नियुक्ति प्रकरण में पांच लिपिकों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई हुई है। सभी को अन्य खण्डों से सम्बद्व कर उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। प्रकरण की जांच चल रही है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
पूर्वांचल वितरण निगम एमडी कार्यालय के तत्कालीन सीई ई. वीके सिन्हा ने 26 जून-13 में कर्मचारी सुदामा व सुरेंद्र को महराजगंज वितरण मण्डल के आनंदनगर ग्रामीण वितरण खंड द्वितीय में तैनाती के निर्देश दिए । तत्कालीन सीई ने महराजगंज के अधीक्षण अभियंता को दोनों कर्मचारियों की नियुक्ति कर सूचना देने के निर्देश दिए। दोनों कर्मचारियों की नियुक्ति तो हो गई पर एक गैंग ने आदेश की फर्जी कापी तैयार कर चार और नाम जोड़ कर कूटरचित आदेश तैयार कर दिया।
