Deputy CMO Suicide: डिप्टी सीएमओ ने क्यों लगाई खुद को फांसी? होटल के कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस..
Deputy CMO Suicide: डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार सिंह ने फांसी क्यों लगाई,
यह पुलिस की जांच में अब तक पता नहीं चला है। होटल में भी कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं पहुंचा।
हालांकि अभी तक दोनों मोबाइल की छानबीन पूरी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है
कि कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। आखिरी बार उन्होंने अपनी पत्नी से ही बात की थी।
पुलिस ने बताया कि वाराणसी के पांडेयपुर थाना क्षेत्र के मझमिटिया गांव निवासी डॉ. सुनील कुमार
सिंह (50) प्रयागराज में संचारी रोग के नोडल अफसर थे।
रविवार को वह अपने चालक सतीश के साथ प्रयागराज पहुंचे।
सिविल लाइंस स्थित होटल बिह्वल के कमरा नंबर 106 में रुक गए।
सोमवार सुबह वह कमरे में फांसी पर लटके मिले थे। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है।
डॉक्टर ने उनका विसरा प्रिजर्व किया है। इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि उन्होंने क्या खाया था।
मंगलवार को पुलिस ने बिठ्ठल होटल में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली।
होटल में डॉ. सुनील अपने चालक सतीश के साथ पहुंचे। इसके बाद वह कमरे में चले गए।
फुटेज से पता चला कि रविवार रात 12 बजकर 4 मिनट पर डॉ. सुनील अपने कमरे 106 से बाहर
निकले और इसके बाद वह अंदर चले गए। इसी के बाद उन्होंने कमरे में फांसी लगा ली।
सुबह कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला था। एसीपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि
कॉल डिटेल से पता चला कि डॉक्टर ने होटल से आखिरी बार अपनी पत्नी से ही बातचीत की थी।
वहीं परिजनों ने उनके प्रयागराज ट्रांसफर होने की बात के
अलावा और किसी भी विवाद या परेशानी से इनकार किया है।
बारह साल के बेटे ने डॉ. सुनील को दी मुखाग्नि
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शाम करीब सात
बजे उनके आवास वाराणसी के मझमिटिया गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।
शव करीब आधा घंटे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार
मणिकर्णिका घाट पर किया गया। बारह वर्षीय पुत्र दर्श प्रताप सिंह ने मुखाग्नि दी।
