Atiq Ahmed: जिस होटल में रुके थे अतीक अहमद को मारने वाले तीनों शूटर्स, वहां से मिलीं ये चीजें; अब होगा बड़ा खुलासा?
Atiq Ahmed: माफिया डॉन अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद रोजाना नए-नए खुलासे
हो रहे हैं। तीनों हमलावरों के बारे में भी पुलिस अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश में
जुटी हुई है। अब सामने आया है कि तीनों हमलावर अतीक और अशरफ का दो दिनों से
पीछा कर रहे थे। तीनों प्रयागराज के स्टे इन होटल के रूम नंबर 203 में ठहरे हुए थे।
तीनों शूटर्स के नाम लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य हैं।
‘आजतक’ की रिपोर्ट के अनुसार, अतीक और अशरफ पर गोली बरसाने वाले शूटर्स ने स्टे इन
होटल में 13 अप्रैल की रात को चेक-इन किया था। तीनों अतीक और अशरफ को मारने के इरादे
से ही आए थे। तीनों अहम जानकारी जुटाने की कोशिश में थे कि अतीक और अशरफ का
मेडिकल चेकअप कब होता है। कब पुलिस उन्हें लेकर मेडिकल करवाने के लिए
बाहर निकलती है। इसी दौरान दोनों को मारने की साजिश रची गई थी।
उल्लेखनीय है कि अतीक और अशरफ की 15 अप्रैल की देर रात को प्रयागराज के कॉल्विन
अस्पताल के बाहर मीडिया के कैमरों के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
दोनों की तीन शूटर्स ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए मौके पर ही जान ले ली थी।
दोनों को पुलिस मेडिकल चेकअप के लिए ले गई थी। इस हत्याकांड के बाद से ही राजनीति भी
शुरू हो गई। सपा, बसपा समेत विपक्षी दलों ने घटना पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी यूपी सरकार पर निशाना साधा गया है।
तीनों शूटर्स के होटल से क्या मिला?
अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले तीनों शूटर्स के होटल की एसआईटी के अधिकारियों ने
जांच की है। वहां उसे कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों के दो मोबाइल
फोन भी एसआईटी की टीम को मिल गए हैं। वहीं, एक मोबाइल चार्जर भी मिला है।
हालांकि, मोबाइल में कोई सिम नहीं लगा हुआ था, लेकिन पुलिस सीडीआर की मदद से आगे की
जांच करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में माना जा सकता है
कि जल्द ही तीनों शूटर्स को लेकर भी कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।
अब पुलिस को शाइस्ता की तलाश
यूपी पुलिस और एसटीएफ को उमेश पाल हत्याकांड में अब शाइस्ता और गुड्डू मुस्लिम की
तलाश है। दोनों हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रहे हैं। शाइस्ता के पति अतीक की हत्या हो
चुकी है। जबकि अशरफ भी मारा जा चुका है। उससे पहले अतीक और शाइस्ता के बेटे असद को
झांसी में एक अन्य सहयोगी गुलाम के साथ एसटीएफ की टीम ने मार गिराया था।
बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज में गोली
और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी।
