budget: यूपी के शहरों के साथ अब गांवों में भी मिलेगी ये सुविधा, प्रति व्यक्ति बजट मंजूर
budget: देश के अन्य राज्यों के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी अब गांवों में घर और
दुकान आदि से कूड़ा इक्ट्ठा किकिया जाएगा। इसके लिए कूड़ा संकलन करने के लिए
आवश्यक वाहन, उपकरण आदि खरीदे जाएंगे। साल भर में इक्ट्ठा किए गए कूड़े में प्लास्टिक,
शीशा, लोहा आदि को बेचा जाएगा, उससे जो आय होगी
वह आधी-आधी संकलनकर्ता और संबंधित ग्राम पंचायत के बीच बंटेगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में होने वाले इन कामों के लिए केंद्र सरकार ने जो
नीति निर्धारण किया है, उसमें पांच हजार या इससे अधिक आबादी वाली पंचायतों को प्रति व्यक्ति
705 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है जबकि दो से पांच हजार की
आबादी वाली पंचायतों के लिए प्रति व्यक्ति 340 रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
मिशन के दूसरे चरण के तहत प्रदेश के कुछ जिलों में पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों में
यह काम शुरू भी हो गया है, मगर अब अगले चरण में दो से लेकर पांच हजार तक की
आबादी वाली पंचायतों में इस काम के शुरू होने में केन्द्र द्वारा स्वीकृत प्रति
व्यक्ति 340 रुपये के बजट पर पेंच फंस गया है। ग्राम प्रधानों के संगठन राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम
प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा का कहना है
कि आबादी के आधार पर केन्द्र से मिलने वाली राशि में पक्षपात उचित नहीं है।
इस काम में कम आबादी वाली पंचायतों को पांच हजार या अधिक आबादी वाली
पंचायतों की ही तरह या तो केन्द्र सरकार बजट दे अन्यथा राज्य सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करे।
उधर, पंचायतीराज निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बाबत शनिवार को प्रदेश शासन में
एक उच्च स्तरीय बैठक अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई
जिसमें उपरोक्त मामले में केन्द्र से मिलने वाले बजट में फंस रहे पेंच को लेकर केन्द्र सरकार को
अवगत करवाया गया। निदेशालय के अफसरों के अनुसार
अब केन्द्र से जो निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
