farmers: किसानों की बल्ले-बल्ले, 5 लाख रुपये तक मिलेगा ब्याज मुक्त लोन; सरकार का बड़ा ऐलान
farmers: किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से पहले से ज्यादा सशक्त बनाने के लिए
केंद्र सरकार की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने करीब चार साल पहले
पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) को शुरू किया था.
यह केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है. इसके अलावा भी किसानों के लिए
तमाम तरह की योजनाएं केंद्र और राज्यों की तरफ से चलाई जा रही हैं.
बोम्मई ने बजट में बड़ा ऐलान किया
किसानों (farmers) को सशक्त बनाने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बजट में बड़ा ऐलान किया है.
उन्होंने शुक्रवार को राज्य सरकार का बजट पेश किया और इस दौरान किसानों (farmers) को लुभाने की पूरी कोशिश की.
उन्होंने किसानों को दिए जाने वाले ब्याज मुक्त लोन की लिमिट को 3 लाख से
बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की. सरकार की तरफ इस वृद्धि अगले वित्तीय वर्ष यानी
1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा. बोम्मई के पास वित्त विभाग भी है.
मिलेगी 10 हजार रुपये की सब्सिडी
बोम्मई ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि इसमें कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए
परेशानी मुक्त और आवश्यकता-आधारित लोन फैसिलिटी का प्रावधान किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस साल 30 लाख से ज्यादा किसानों को 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा जाएगा.’
बोम्मई ने कहा कि सरकार ने ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ धारकों को एक नई
योजना ‘भू श्री’ के तहत वर्ष 2023-24 में 10,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है.
नाबार्ड देगा 7500 रुपये
उन्होंने कहा कि ‘भू श्री’ योजना से किसानों को जरूरत के समय बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री
खरीदने में मदद मिलेगी. बोम्मई ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार 2,500 रुपये का योगदान देगी और
नाबार्ड 7,500 रुपये देगा. उन्होंने कहा, ‘इससे राज्य के करीब 50 लाख
किसानों (farmers) को फायदा होगा.’ कर्नाटक में विधानसभा चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने बजट में ‘श्रम शक्ति’ योजना की भी घोषणा की है, जिसके तहत भूमिहीन महिला खेतिहर मजदूरों को प्रत्यक्ष
लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिये हर महीने 500 रुपये प्रति व्यक्ति की वित्तीय सहायता दी जाएगी.
बोम्मई ने कहा कि राज्य में कोविड महामारी के बाद पहली बार राजस्व प्राप्तियों का अनुमान
राजस्व व्यय से 402 करोड़ रुपये अधिक रहने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह ‘राजस्व-अधिशेष’ बजट है.
