Python: जंगल छोड़कर खेतों में क्यों पहुंच रहे अजगर? ग्रामीणों के लिए बढ़ा खतरा
Python: तराई के जिला खीरी में इन दिनों बाघ और तेंदुए के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अजगर भी परेशानी का
सबब बन रहे हैं। सर्दी का मौसम अजगर को धूप सेंकने के लिए बाहर खींच कर ले आ रहा है।
इन भारी-भरकम अजगर की वजह से ग्रामीण के मवेशी और बच्चों को लेकर खतरा बढ़ गया है।
वन विभाग प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर अजगर दिखने पर विभाग को सूचित करने की अपील की रहा है।
इन दिनों आए दिन ही किसी ना किसी गांव में अजगर देखे जाने की खबर मिल रही है।
कभी-कभी अजगर खेतों और बांस की थनिया से निकलकर ग्रामीणों के घरों के आसपास भी पहुंच जा रहे हैं।
अजगर देखे जाने पर ग्रामीण वन विभाग को इसकी सूचना दे रहे हैं।
वन विभाग इन अजगरों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इनको जंगल में छोड़ रहे हैं।
जनवरी माह में वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 112 रेस्क्यू ऑपरेशन अजगर को लेकर चलाए गए।
इन ऑपरेशन ओं में 112 अजगर को पकड़ कर जंगल छोड़ा गया है।
अभी तक वन विभाग बाघ और तेंदुए को लेकर लोगों को सजग रहने के लिए ही जागरूकता अभियान चला रहा था।
इन दिनों आए दिन निकल रहे अजगर को लेकर भी इसी तरह का अभियान वन विभाग चला रहा है।
छोटे मवेशियों के लिए खतरनाक
अजगर एक घंटे के अंदर एक किलोमीटर से ज्यादा का सफर रेंगकर कर लेते हैं।
बड़े आकार के अजगर (Python) छोटे मवेशी जैसे भेड़, बकरी आदि के लिए खतरा हैं।
वहीं छोटे बच्चों के लिए भी ये खतरनाक हैं। अजगर जिले के जंगलों में पाए जाते हैं
और अधिक सर्दी होने पर निकलकर हाईवे और गांवों की ओर आ जाते हैं।
उनकी मौजूदगी से खतरा भी है, साथ ही लोगों से अजगर को भी खतरा बना रहता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व डीडी बफर जोन सुंदरेश ने बताया कि खीरी जिला तराई का क्षेत्र है।
इसमें हर जगह अजगर पाए जाते हैं। सर्दी के मौसम में अपने शरीर का तापमान सही रखने के लिए या अजगर बाहर
निकल आते हैं। इसके चलते यह दिखाई भी अधिक पड़ते हैं। वन विभाग
इन को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इन्हें फिर से जंगल में भेज रहा है।
