उफान पर रोहुआ नाला, ग्रामीणों की जान जोखिम में डालकर कर रहे पार
उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाला रोहुआ नाला एक बार फिर बरसात के पानी से उफान पर है।
नाले के ऊपर कुछ समय पहले ह्यूम पाइप डाला गया था, लेकिन अप्रोच रोड और मिट्टी का काम समय पर पूरा नहीं होने से नाला पूरी तरह भर गया है।
इससे कुशीनगर और महराजगंज के नारायणी नदी पार के दर्जनों गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों को अब आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है,
जिससे खतरा और असुविधा दोनों बढ़ गई है।कुशीनगर के शिवपुर, मरिचहवा, नारायनपुर, हरिहरपुर, वकुलादह और महराजगंज के सोहगीवरवा, शिकारपुर, भोतहा जैसे गांवों के करीब 50 हजार लोग इस रास्ते से रोजाना बिहार होकर आवागमन करते हैं।
इनमें स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज, किसान और दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं। एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “ह्यूम पाइप तो डाल दिया गया, लेकिन मिट्टी का काम नहीं हुआ।
यह केवल दिखावे का काम था। अब नाव से आवाजाही में खतरा और असुविधा दोनों का सामना करना पड़ रहा है।”ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बारिश से पहले अप्रोच रोड और मिट्टी का काम क्यों नहीं पूरा किया गया?
उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है।
