Motorcycle:आखिर क्यों नई बाइक्स में नहीं आ रहा है किक-स्टार्ट सिस्टम! जानिए क्या है वजह

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Motorcycle:आखिर क्यों नई बाइक्स में नहीं आ रहा है किक-स्टार्ट सिस्टम! जानिए क्या है वजह

Motorcycle: आज कल बाजार में कई ऐसे मोटरसाइकिल आ रहे हैं जिनमें से किक नदारद है. नई बाइक्स में किक-स्टार्ट (Kick-Start) सिस्टम देखने को नहीं मिल रहा है. अब ज्यादातर बाइक्स में केवल सेल्फ स्टार्ट सिस्टम ही आ रहा है. यहां तक कि कम्यूटर सेग्मेंट की बाइक्स भी सेल्फ स्टार्ट से लैस हो चुकी हैं. ऐसे में बहुत से लोगों के जेहन में ये सवाल आता है कि, आखिर इसके पीछे क्या कारण है? आज हम आपको अपने इस लेख में उन कारणों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे.

1)- फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम: आधुनिक बाइक्स में फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम दिया जा रहा है, जो न केवल बाइक्स की माइलेज को बेहतर कर रही हैं बल्कि किक-स्टार्ट सिस्टम की जरूरत को भी खत्म कर देती हैं. FI (फ्यूल इंजेक्शन) इंजन वाली बाइक्स में किक स्टार्टर नहीं होता है और इसका एक प्रमुख कारण ये है कि, FI-आधारित इंजनों में, सबमर्सिबल पंप का उपयोग करके टैंक से पेट्रोल पंप किया जाता है, और फिर फ्यूल इंजेक्टर द्वारा पेट्रोल को इंजन में इंजेक्ट किया जाता है. इस पंप को चलाने के लिए न्यूनतम वोल्टेज की आवश्यकता होती है जो कि बैटरी से पूरी हो जाती है. ऐसे में किक-स्टार्ट की जरूरत नहीं पड़ती है.

एक बात ये भी है कि पंप को चलाने के लिए कम से कम 9V वोल्टेज की जरूरत होती है. अगर कम वोल्टेज पैदा होता है तो फ्यूल पंप काम नहीं करता है. यदि FI बाइक को स्टार्ट करने के लिए किक का उपयोग किया जाता है तो वह आवश्यक वोल्टेज उत्पन्न नहीं करता है, इसलिए बाइक को किक देने का कोई मतलब नहीं है.

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2)- एडवांस सेल्फ-स्टार्ट तकनीकी: समय के साथ तकनीकी तेजी से बदल रही है, या यूं कहें कि टेक्नोलॉजी लगातार एडवांस होती जा रही है. इस समय जो सेल्फ स्टार्ट सिस्टम आ रहे हैं वो काफी अत्याधुनिक हैं. इसमें ज्यादा लंबे समय तक चार्ज रहने वाली और पावरफुल बैटरी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि बाइक्स को किसी भी मौसम या कंडिशन में आसानी से स्टार्ट करने में सक्षम है. यह भी एक कारण है कि, आज-कल की बाइक्स में किक-स्टार्ट नहीं दिया जा रहा है.

3)- डिज़ाइन: बाइक्स का डिज़ाइन भी तेजी से बदला है, अब ज्यादातर बाइक्स में आपको स्पोर्टी लुक और एलिमेंट देखने को मिलते हैं. प्रीमियम बाइक्स का एयरोडायनमिक कुछ इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि बॉडी पार्ट ज्यादा स्लीक और शार्प हो. नए डिज़ाइन के अनुसार बाइक्स में किक-स्टार्ट उतना फिट नहीं बैठता है. इतना ही नहीं, नए चालक किक-स्टार्ट के बजाय सेल्फ को ज्यादा बेहतर मानते हैं. यदि आप एक क्रूज़र मॉडल की बात करें तो इसका सीटिंग पोजिशन चालक को काफी पीछे ले जाता है, साथ ही इसकी हाइट भी कम होती है. ऐसे में किक से बाइक को स्टार्ट थोड़ा मुश्किल भरा होता है.

4)- ट्रैफिक में आसानी: यदि आप पुरानी बाइक चलाते हैं या कभी चलाई है तो आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं. शहर की भीड़-भाड़ में भारी ट्रैफिक के बीच कभी-कभी बाइक अचानक से बंद हो जाती है. ऐसे में जब आप किक से बाइक को स्टार्ट करने का प्रयास करते हैं और बाइक स्टार्ट नहीं होती है तो आपकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं. ऐसे मौकों पर सेल्फ स्टार्ट को ज्यादा बेहतर और सुविधाजनक माना जाता है.

5)- कीमतों में कटौती: हालांकि, इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि वाहन निर्माता कंपनियां कॉस्ट कटिंग के लिए मोटरसाइकिलों में किक-स्टार्ट नहीं देती हैं. लेकिन ऐसा माना जाता है कि किक-स्टार्ट सिस्टम को बाइक्स में शामिल न करने पर इसकी कीमत पर असर पड़ता है.

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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