freehold: बीस हजार वर्ग फीट तक की जमीनों को फ्रीहोल्ड करने की तैयारी में योगी सरकार, कितना देना होगा पैसा?

Date:

spot_img
spot_img

Date:

spot_img
spot_img

freehold: बीस हजार वर्ग फीट तक की जमीनों को फ्रीहोल्ड करने की तैयारी में योगी सरकार, कितना देना होगा पैसा?

freehold:यूपी सरकार इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जमीनों को फ्री होल्ड करने की नई नीति जल्द लाने जा रही है।

नई नीति में 20 हजार वर्ग फीट तक की जमीनों को ही फ्री होल्ड करने की संस्तुति की गई है।

- Advertisement -
- Advertisement -

फ्रीहोल्ड शुल्क 10 से 15 फीसदी लेने की बात कही गई है। उच्च स्तर पर

इस पर सहमति के बाद कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूर कराया जाएगा।

अभी तक नहीं है कोई नीति

शहरी क्षेत्रों में स्थित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीनों को फ्री होल्ड करने के लिए अभी तक कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

शासनादेश के आधार पर इन जमीनों को अभी तक फ्री होल्ड किया जा रहा था।

प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने आवास बंधु के निदेशक की अध्यक्षता में समिति बनाते हुए

संस्तुतियां देने को कहा था। समिति ने अपनी संस्तुति दे दी है।

नई संस्तुतियों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जल्द ही इसे अंतिम रूप देने की तैयारी है।

पूरा पैसा देना होगा

संस्तुति में कहा गया है कि ऐसी भूमि जो सभी प्रीमियम जमा करने के बाद आवंटित की गई है

उसे आवेदन की तिथि पर प्रभावी सर्किल रेट 15 फीसदी लेकर फ्री होल्ड किया जाएगा।

लेकिन ऐसी भूमि जो आशंकि प्रीमियम या लीज रेंट पर आवंटित है

उसे फ्री होल्ड(freehold) करने के लिए आवदेन की तिथि को प्रभावी सर्किल रेट पर संपूर्ण पैसा जमा कराने पर

फ्री होल्ड (freehold) करने की संस्तुति की गई है। आंशिक प्रीमियम पर पट्टे पर आवंटित भूमि के मामलों में

समानुपातिक धनराशि को कम करते हुए शेष बचे पैसे को आवेदन की तिथि से

प्रभावी सर्किल रेट से गणना करते शुल्क लेकर फ्री होल्ड किया जाए।

पट्टा समाप्त होने वालों को भी मौका

पट्टा समाप्त भूमि के संबंध में यह संस्तुति की गई है। ले आउट या पट्टे में भू-उपयोग के अनुरूप मौके पर

निर्माण होने की स्थिति में नया शासनादेश जारी होने की तिथि से एक वर्ष की अंदर आवेदन करने पर

ऐसे जमीनों को फ्री होल्ड (freehold) किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि जमीन किसे आवंटित है।

व्यक्ति, ट्रस्ट, राजनीतिक दल, सरकारी कार्यालय के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इसके लिए विकास प्राधिकरणों से सुझाव और मत लिया जाएगा।

खाली जमीनों पर योजनाएं आएंगी

इसके साथ ही शहरों में उद्योगों के लिए दी गई जमीनें अगर खाली हैं

तो इनका उपयोग नागरिक सुविधाओं के साथ ही आवासीय और व्यवसायिक अपार्टमेंट बनाने के लिए किया जाएगा।

Share This:
Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

Most Popular

More like this
Related

Kushinagar में होली पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

Kushinagar में होली पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस ने किया...

Kushinagar Airport: विधायक पी.एन. पाठक ने कुशीनगर एयरपोर्ट से उड़ान शुरू कराने की उठाई मांग

Kushinagar Airport: विधायक पी.एन. पाठक ने कुशीनगर एयरपोर्ट से...

Board Exam: डीएम-एसपी का औचक निरीक्षण,नकलविहीन परीक्षा कराने के सख्त निर्देश

Board Exam: डीएम-एसपी का औचक निरीक्षण,नकलविहीन परीक्षा कराने के...