Employment:उत्तर प्रदेश में रोजगार बढ़ाने को सीएम योगी ने खोले खजाने, इन कामों के लिए मिलेगी बड़ी छूट, जानें पूरा डिटेल
employment: यूपी में वेयरहाउस और लाजिस्टिक पार्क बनाने पर सरकार कई तरह की नई सुविधाएं देगी।
इसके तहत निवेशकों को पात्र परियोजनाओं को छूट और रियायतें परियोजना का वाणिज्यिक संचालन
शुरू होने से पहले ही मिलनी शुरू हो जाएंगी। वेयरहाउस, साइलोज़ और कोल्ड चेन सुविधा के विकास के लिए
फ्रण्ट एण्ड उपादान के तहत बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क में छूट मिलेगी।
मध्यांचल एवं पश्चिमांचल (गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद को छोड़कर) में 75 प्रतिशत की दर से तथा
गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 50 प्रतिशत की दर से स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाएगी।
इसके साथ ही पांच कंपनियों को रियायत से 2500 लोगों के लिए रोजगार (employment) का रास्ता साथ करने
की योजना है। प्रदेश सरकार ने पांच कंपनियों को औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के तहत
विशेष रियायतें देने के लिए लेटर आफ कम्फर्ट जारी करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत इन कंपनियों को 3266 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी।
इससे 2500 को रोजगार मिलने का रास्ता साफ होगा। इन कंपनियों में एसएलएमजी बेवरेज
बाराबंकी, जेके पेंटस एंड कोटिंग्स मथुरा, राधा रुक्मणी स्टील्स अलीगढ़ आदि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एण्ड
लॉजिस्टिक्स नीति-2022’ को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा भू-उपयोग परिवर्तन चार्ज में 75 प्रतिशत की
रियायत प्रदान की जाएगी। विकास शुल्क में 75 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
एकल भण्डारण सुविधाओं को 60 प्रतिशत के ग्राउण्ड कवरेज की अनुमति दी जाएगी।
बैक एण्ड सहायता के तहत प्रदेश में कहीं भी उक्त सुविधाएं स्थापित करने पर अधिकतम 05 करोड़ रुपये का
कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। लॉजिस्टिक्स परिक्षेत्रों में इस प्रकार की सुविधाएं स्थापित करने पर
अधिकतम 10 करोड़ रुपये सुविधा मिलेगी। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 10 वर्ष की अवधि हेतु
100 प्रतिशत की दर से छूट प्रदान की जाएगी। प्रत्येक परियोजना को अधिकतम 05 लाख रुपये की सीमा के
अधीन भुगतान की गई गुणवत्ता प्रमाणन लागत के 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
लाजिस्टिक पार्क के लिए ये मिलेंगी रियायतें
मल्टी-मोडल पार्क, अन्तर्देशीय कण्टेनर डिपो, कण्टेनर फ्रेट स्टेशन सहित लॉजिस्टिक्स पार्क एवं ड्राई पोर्ट्स
जिनमें एयर फ्रेट स्टेशन के लिए क्रय की गई अथवा पट्टे पर ली गई भूमि (न्यूनतम 10 वर्ष की अवधि हेतु) पर स्टाम्प
ड्यूटी में 100 प्रतिशत की दर से छूट प्रदान की जाएगी। भू-उपयोग परिवर्तन चार्ज में 75 प्रतिशत की रियायत दी
जाएगी। विकास शुल्क में 75की छूट प्रदान की जाएगी। आईसीडी/सीएफएस/ एएफएस
एकल (स्टैण्ड-अलोन) परियोजनाओं को 60तक ग्राउण्ड कवरेज की अनुमति दी जाएगी।
महुआ, आंवला, चिरौंजी आसानी से पा सकेंगे
यूपी सरकार ने महुआ के फूल तथा बीज, लाख, आंवला का फल और चिरौंजी को उत्तर प्रदेश इमारती लकड़ी और
अन्य वन उपज का अभिवहन नियमावली, 1978 के प्राविधानों से मुक्त करने का निर्णय लिया है।
वन विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी।
वनों में निवास करने वाले अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परम्परागत वन निवासियों,
लघु एवं सीमान्त कृषकों को इससे फायदा होगा। उनकी आय में वृद्धि होगी।
वे इन वन उपजों को बिना बाधा ले जा सकेंगे। उसको बेचने से उन्हें आय होगी।
मत्स्य पालकों को पट्टे के तालाबों पर भी अनुदान
ग्राम सभा के पट्टे पर आवंटित तालाबों पर सरकार मत्स्य पालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ देगी।
प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है।
योजना का क्रियान्वयन ‘कम्पोनेन्ट ए’ एवं ‘कम्पोनेन्ट बी’ के माध्यम से किया जाएगा।
‘कम्पोनेन्ट ए’ के तहत मनरेगा कन्वर्जन्स अथवा पट्टाधारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये
ग्राम सभा के तालाबों में प्रथम वर्ष निवेश पर अनुदान के लिए
इकाई लागत चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
