Electricity: UP में गांवों को तय रोस्टर से दो घंटे कम बिजली, कंपनियों के दावों की खुली पोल
Electricity: यूपी पॉवर कारपोरेशन की निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली देने के दावों की पोल लोकसभा के पटल पर रखी गई पिछले पांच वर्षों की Electricity आपूर्ति की रिपोर्ट ने खोल दिया है। यूपी में वर्ष 2018-19 के मुकाबले करीब तीन घंटे कम तथा 2019-20 के मुकाबले करीब एक घंटे कम Electricity की आपूर्ति 2022-23 में ग्रामीण क्षेत्रों में की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित रोस्टर से दो घंटे कम बिजली दिए जाने का जिक्र है।
2018-19 में गांवों को दी गई थी रोजाना 19.06 घंटे Electricity
27 जुलाई को लोकसभा के पटल पर पिछले पांच सालों में राज्यों द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की रिपोर्ट के हवाले से उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने यह सूचना दी है। उन्होंने बताया है कि रिपोर्ट चौंकाने वाली है। 2018-19 में ग्रामीण विद्युत आपूर्ति 19 घंटे 6 मिनट थी और 2019-20 में 17 घंटे 2 मिनट थी। वहीं 2022-23 में केवल 16 घंटे 9 मिनट बिजली रोजाना दी गई।
गांवों में सबसे कम Electricity हिमाचल प्रदेश दे रहा
रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि हिमाचल प्रदेश अपने ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम बिजली दे रहा है, यूपी इससे ठीक ऊपर है। तय रोस्टर के मुताबिक यूपी में शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली दिए जाने की व्यवस्था है। यूपी इस रोस्टर पर खरा उतरने में विफल रहा है। लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट 11केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति से हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन और बिजली कंपनियों को युद्धस्तर पर अपने सिस्टम को दुरुस्त करते हुए बिजली की उपलब्धता बढाने पर काम करना होगा। ऐसा होने पर ही ग्रामीण क्षेत्र को भी 20 घंटे से अधिक बिजली दी जा सकेगी।
राज्य औसत ग्रामीण आपूर्ति-2022-23 औसत शहरी आपूर्ति-2022-23
हिमाचल प्रदेश 12 घंटे 51 मिनट 23 घंटे 54 मिनट
उत्तर प्रदेश 16 घंटे 9 मिनट 23 घंटे 32 मिनट
बिहार 20 घंटे 6 मिनट 23 घंटे 24 मिनट
उत्तराखंड 21 घंटे 23 मिनट. 23 घंटे 34 मिनट
मध्य प्रदेश. 20 घंटे 40 मिनट. 23 घंटे 36 मिनट
राजस्थान 21 घंटे 25 मिनट 23 घंटे 51 मिनट
महाराष्ट्र 23 घंटे 40 मिनट 23 घंटे 56 मिनट
गुजरात 23 घंटे 50 मिनट 23 घंटे 58 मिनट
