Fraud: इस योजना में आवेदन के नाम पर सक्रिय ठग,सतर्क रहें वरना खाली हो सकता है बैंक खाता
Fraud: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के तहत देशभर के लाखों किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, लेकिन इस योजना के नाम पर जालसाज सक्रिय हो गए हैं।
फर्जी कॉल्स, मैसेज और नकली वेबसाइट्स के जरिए ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे उनके बैंक खाते खाली हो रहे हैं। कृषि मंत्रालय और बैंकों ने किसानों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि वे साइबर ठगी का शिकार न बनें।
जालसाजों का तरीका:
जालसाज खुद को पीएम-किसान योजना के अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताकर किसानों से संपर्क करते हैं। वे योजना में रजिस्ट्रेशन, केवाईसी अपडेट, या 2,000 रुपये की किस्त जारी करने के बहाने आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी मांगते हैं।
कुछ मामलों में, फर्जी वेबसाइट्स और लोन ऐप्स के जरिए किसानों को ठगा जा रहा है। हाल ही में कई किसानों ने फर्जी लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी साझा करने के बाद अपने खातों से हजारों रुपये गंवाए हैं।
हालिया मामले:
पिछले कुछ महीनों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी देखी गई है। एक मामले में, उत्तर प्रदेश के एक किसान से पीएम-किसान योजना के नाम पर केवाईसी अपडेट के लिए ओटीपी मांगा गया, जिसके बाद उनके खाते से 50,000 रुपये निकाल लिए गए।
इसी तरह, फर्जी ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए जालसाज किसानों को लुभावने ऑफर देकर ठग रहे हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि पीएम-किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) के अलावा किसी अन्य लिंक पर भरोसा न करें।
बचाव के लिए जरूरी उपाय:
आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: पीएम-किसान योजना के लिए आवेदन या केवाईसी केवल आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से करें।
- गोपनीय जानकारी साझा न करें: किसी भी कॉल, मैसेज या ईमेल के जरिए आधार, बैंक खाता विवरण, या ओटीपी साझा न करें।
- फर्जी ऐप्स से बचें: अनजान लिंक्स या ऐप्स पर क्लिक करने से बचें। योजना से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का उपयोग करें।
- शिकायत दर्ज करें: ठगी का शक होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें।
- केवाईसी प्रक्रिया: केवाईसी के लिए केवल बैंक शाखा, सीएससी केंद्र, या अधिकृत पोर्टल का उपयोग करें। योजना में रजिस्ट्रेशन और केवाईसी पूरी तरह मुफ्त है।
सरकार और बैंकों की चेतावनी:
कृषि मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्पष्ट किया है कि पीएम-किसान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन या किस्त प्राप्त करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यदि कोई योजना के नाम पर पैसे मांगता है, तो यह ठगी का संकेत है। बैंकों ने भी ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे अनजान कॉल्स या मैसेज पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।
पीएम-किसान योजना के बारे में:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन किस्तों (2,000 रुपये प्रत्येक) में दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ट्रांसफर की जाती है। योजना ने अब तक करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाया है, लेकिन जालसाजों की बढ़ती गतिविधियों ने सतर्कता की जरूरत को और बढ़ा दिया है।
निष्कर्ष:
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाते समय सावधानी बरतें। फर्जी कॉल्स, मैसेज या वेबसाइट्स से बचें और केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आवेदन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या बैंक को दें ताकि आपका बैंक खाता सुरक्षित रहे।
