Eye flu: UP में बारिश और उमस से आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी, ऐसे बरतें सावधानी

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Eye flu: UP में बारिश और उमस से आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी, ऐसे बरतें सावधानी

eye flu: बरसात, उमस भरी गर्मी से वायरल के साथ आई फ्लू का प्रकोप भी बढ़ रहा है।

यूपी में शहरों से लेकर गांव तक लोग पीड़ित हैं। मेडिकल कालेजों की बात करें तो नेत्र विभाग में भारी भीड़ उमड़ रही है।

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लगभग सभी जिलों में पंद्रह दिन पहले तक नेत्र विभाग में विभिन्न कारण के करीब 60-70 मरीज आते थे,

लेकिन अब रोजाना मेडिकल कालेज आई फ्लू के 100 से 120 मरीज आ रहे हैं।

सीएचसी में भी आई फ्लू से पीड़ियों की संख्या बढ़ी है। इनमें बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं।

क्या है आई फ्लू

आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस को पिंक आई के रूप में भी जाना जाता है।

यह एक संक्रमण है, जो कंजंक्टिवा की सूजन का कारण बनता है। कंजंक्टिवा क्लियर लेयर होती है,

जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है।

मानसून के दौरान, कम तापमान और हाई ह्यूमिडिटी के कारण, लोग बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी के संपर्क में

आते हैं, जो एलर्जिक रिएक्शन्स और आई इंफेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस का कारण बनते हैं।

इसे पिंक आई क्यों कहा जाता है?

कंजंक्टिवाइटिस, जिसे पिंक आई के रूप में भी जाना जाता है, कंजंक्टिवा (पतली और क्लियर लेयर, जो पलक के अंदर

की परत और आंख के सफेद हिस्से को ढकता है) में होने वाली सूजन है। इसे पिंक आई इसलिए कहा जाता है,

क्योंकि कंजंक्टिवाइटिस के कारण अक्सर आंखों का सफेद भाग गुलाबी या लाल हो जाता है।

पिंक आई फैलाने वाले फैक्टर्स

– वायरल संक्रमण वायरल कंजंक्टिवाइटिस अत्यधिक संक्रमक है और अक्सर सामान्य सर्दी जैसे श्वसन संक्रमण के साथ होता है। यह दूषित सतहों या श्वसन बूंदों के सीधे संपर्क से आसानी से फैल सकता है।

– बैक्टीरियल संक्रमण बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस बैक्टीरिया के कारण होता है और अत्यधिक संक्रमक भी हो सकता है। यह दूषित हाथों, मेकअप या कॉन्टैक्ट लेंस जैसे सोर्स से बैक्टीरिया के संपर्क में आने के कारण हो सकता है।

– एलर्जिक रिएक्शन एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस तब होता है, जब कंजंक्टिवा पराग, धूल के कण, पालतू जानवरों के फर, या कुछ दवाओं जैसे एलर्जी के प्रति रिएक्शन करती है। यह संक्रमक नहीं है।

आई फ्लू के लक्षण

– आंखों का लाल होना

– आंखों में सफेद रंग का कीचड़ आना

– आंखों से पानी बहना

– आंखों में सूजन

– आंखों में खुजली और दर्द होना

आई फ्लू होने पर क्या करें

– अच्छी कम्पनी का एंटीबायोआई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें

– आंखों को गुनगुने पानी से क्लीन करें

– आंखों को साफ करने के लिए साफ और सूती कपड़े का इस्तेमाल करें

लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क करें

जुलाई-अगस्त में आई फ्लू की समस्या होती है। यह एक तरफ से संक्रमण बीमारी है। किसी को लक्षण होने पर उससे दूरी बना लें। इसमें साफ-सफाई बहुत जरूरी है। लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क कर ड्राप का प्रयोग करें।

आई फ्लू की दवाएं पर्याप्त

कई स्टोर इंचार्ज का कहना है कि दवाएं पर्याप्त हैं। हाल ही में आई फ्लू की और दवाएं मगाई गई हैं। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होगी।

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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