बकरी पालन योजना शुरू: एससी समुदाय के इच्छुक महिला-पुरुष जल्द करें आवेदन
Goat rearing: मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रविन्द्र प्रसाद ने अवगत कराया है कि वित्तीय वर्ष 2025 -26 में बकरी पालन की योजना (राज्य योजना 90 प्रतिशत + लाभार्थी अंश 10 प्रतिशत) के अन्तर्गत जनपद कुशीगनर में 10 इकाईयों के स्थापना का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
योजना का उद्देश्य
प्रदेश के अनुसूचित जाति के भूमिहीन व गरीब पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं बकरी पालन के कार्य को प्रोत्साहन देकर कुपोषण से बचाव के लिये आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
योजना का स्वरूप
बकरी पालन की योजना (राज्य योजना) अनुदान सं0-83 (अनुसूचित जातियों के लिए) के अन्तंर्गत उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में प्रतिवर्ष 750 बकरी इकाइयों (प्रति जनपद 10 बकरी इकाईयाँ) को स्थापित कर संचालित किया जाना है।
बकरी पालन हेतु दिशानिर्देश के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया जायेगा। प्रति इकाई 01 नर व 05 मादा बकरी उपलब्ध करायी जायेगी।
प्रति इकाई लागत रु0-60,000/- है, जिसमें राज्यांश (90 प्रतिशत) धनराशि रु0-54,000/ एवं लाभार्थी अंश (10 प्रतिशत) धनराशि रु0-6.000/-1 योजनान्तर्गत 0.1 नर का मूल्य 10,000/- एवं 01 मादा का मूल्य 9,000/- निर्धारित किया गयां है।
योजनान्तर्गत आवंटित धनराशि से नंर एवं मादा बकरी का क्रय, बीमा व चिकित्सा तथा परिवहन मद में व्यय कर इकाई स्थापित किया जायेगा।
लाभार्थियों की पात्रता
18 वर्ष से अधिक आयु के, जनपद के निवासी अनुसूचित जाति के महिला/पुरुष बेरोजगार पशुपालक जिनके पास बकरियों को रखने का उचित स्थान उपलब्ध हो, योजना के पात्र होंगे।
भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र, इटावा एवं केन्द्रीय बकरी अनुसन्धान संस्थान फराह, मखदूम, मथुरा से बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को वरीयता के अनुसार चयनित किया जायेगा।
विधवा निराश्रित महिला को प्राथमिकता दी जायेगी, उपलब्धता के आधार पर चयन प्रकिया में 3 प्रतिशत दिव्यांगजन को सम्मिलित किया जाएगा।
उक्त योजनान्र्तगत प्रति इकाई धनराशि में राज्यांश (90 प्रतिशत) रू0-54000 ००/- एवं लाभार्थी अंश (10 प्रतिशत) रू0-6000.00 /- है, कुल रू0-60000.00/- है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जनपद के इच्छुक पशुपालकों को अवगत कराया है कि उक्त योजना के लाभ लेने हेतु विकास खण्ड स्तरीय कमेटी (संबंधित ग्राम प्रधान, पशुचिकित्साधिकारी एवं उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी) के माध्यम से दिनांक 10 जुलाई 2025 तक आवेदन-पत्र कार्यालय मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, विकास भवन, कुशीनगर में उपलब्ध करावें। तत्पश्चात जनपद स्तरीय कमेटी द्वारा अग्रिम कार्यवाही किया जाएगा ।
