गन्ना समिति की छह दुकानों के दुकानदार आखिर क्यों नाराज?
Rent: सहकारी गन्ना समिति लिमिटेड छितौनी की छह दुकानों का किराया अचानक 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाए जाने से दुकानदारों में नाराजगी है। दुकानदारों ने खड्डा विधायक विवेकानंद पांडे से शिकायत कर किराया वृद्धि वापस लेने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने जिला गन्ना अधिकारी को बढ़ी हुई किराया राशि वापस लेने के निर्देश दिए हैं।
नगर पंचायत छितौनी निवासी दुकानदार तपसी प्रसाद कुशवाहा, सरतेज कुशवाहा, पंकज जायसवाल, उषा देवी और विकास कुशवाहा समेत अन्य दुकानदारों का आरोप है कि समिति के सचिव ने संचालक मंडल को प्रस्तावित किराया वृद्धि से अवगत कराए बिना मनमाने ढंग से दुकानों का किराया बढ़ा दिया। दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से छोटे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं और पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
दुकानदारों ने बताया कि छितौनी क्षेत्र नारायणी नदी से प्रभावित और पिछड़ा इलाका है। यहां का बाजार बड़े बाजारों की तुलना में कमजोर है। इसके अलावा आवागमन और यातायात की पर्याप्त सुविधा भी नहीं है। कोरोना काल के दौरान भी कई दुकानों का संचालन लंबे समय तक प्रभावित रहा था। ऐसे में अचानक 50 प्रतिशत से अधिक किराया बढ़ाए जाने से दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है।
शिकायत मिलने के बाद विधायक विवेकानंद पांडे ने जिला गन्ना अधिकारी को बढ़ी हुई किराया राशि वापस लेने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि अचानक 50 प्रतिशत से अधिक किराया बढ़ाना दुकानदारों के साथ अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस तरह की बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
वहीं, सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड छितौनी के चेयरमैन प्रतिनिधि समीर सिंह ने बताया कि समिति के सचिव की ओर से शासन के निर्देश के अनुसार 25 प्रतिशत किराया बढ़ाने की बात कही गई थी।
हालांकि 50 प्रतिशत से अधिक किराया बढ़ाए जाने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नियमानुसार स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
