अवैध मदिरा और स्प्रिट के खिलाफ कार्रवाई तेज, निगरानी के लिए विशेष टीम गठित
कुशीनगर : अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने 15 जुलाई से 24 जुलाई तक 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के निर्देशानुसार प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
इन टीमों में तहसीलवार उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम), क्षेत्राधिकारी (सीओ) और आबकारी निरीक्षक शामिल हैं, जो जीएसटी और परिवहन विभाग के सहयोग से कार्य करेंगी।
अवैध मदिरा पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत अवैध मदिरा के माफियाओं और तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध वाहनों की सघन जांच, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित ढाबों की निगरानी, और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी। आबकारी अधिनियम के साथ-साथ आवश्यकतानुसार आईपीसी की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
आबकारी दुकानों पर कड़ी नजर
आबकारी दुकानों और थोक अनुज्ञापनों का निरीक्षण चेकलिस्ट के आधार पर होगा। स्टॉक के बारकोड और क्यूआर कोड की सूक्ष्म जांच की जाएगी।
विशेष रूप से दूरस्थ, जंगल या निर्जन क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर अवैध/मिलावटी शराब की बिक्री की आशंका को देखते हुए इन पर सतर्क निगरानी और रैंडम चेकिंग होगी। मदिरा के नमूने क्षेत्रीय प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे।
ओवर रेटिंग और कैंटीनों पर नकेल
दुकानों के निर्धारित समय से पहले या बाद में कैंटीनों के माध्यम से ओवर रेट पर मदिरा बिक्री की शिकायतों पर भी कार्रवाई होगी। ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कैंटीन संचालकों और विक्रेताओं पर सख्ती की जाएगी।
देशी/विदेशी शराब, बीयर और मॉडल शॉप्स पर ओवर रेटिंग की जांच के लिए संयुक्त टीमें रैंडम टेस्ट परचेज करेंगी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
