नाले में डूबने से युवक की मौत,मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ
गुरुग्राम में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। जलभराव के कारण हुए हादसों में मरने वालों की संख्या सात से बढ़कर आठ हो गई है।
शनिवार शाम को सेक्टर 29 के पास एक खुले नाले में 22 वर्षीय नरेश नामक युवक का शव मिला, जिसकी पहचान नेपाल निवासी के रूप में हुई है। यह घटना शहर में जल निकासी व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
दो दिन बाद नाले में मिला शव
शनिवार शाम करीब पांच बजे सेक्टर 29 पुलिस थाने को सूचना मिली कि सुशांत लोक फेस एक के ए ब्लॉक में सड़क किनारे बने नाले में एक शव उतराता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। जांच में पता चला कि मृतक नरेश, जो गुरुग्राम में एक कैफे में वेटर का काम करता था, बुधवार शाम को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। दो दिन बाद जब नाले का जलस्तर कम हुआ, तब उसका शव ऊपर आया।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
सेक्टर 29 थाना पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नरेश की मौत जलभराव में डूबने के कारण प्रतीत होती है। शव पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
जिसके बाद मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। अभी तक नरेश के परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है, इसलिए किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।
परिवार का बुरा हाल, प्रशासन पर सवाल
नरेश का परिवार पास ही किराए के मकान में रहता है। उनकी अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर गुरुग्राम में खुले नालों और जलभराव की समस्या को उजागर किया है।
सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। एक एक्स पोस्ट में कहा गया, “गुरुग्राम की सड़कों पर जलभराव और प्रशासनिक लापरवाही ने एक और निर्दोष जान ले ली। ये हादसा नहीं, सिस्टम की हत्या है।”
शहर में बारिश का तांडव
बुधवार की बारिश ने गुरुग्राम में भारी तबाही मचाई थी। सड़कें तालाब बन गईं, बिजली गुल हो गई, और कई लोग जलभराव और करंट की चपेट में आ गए।
पिछले 24 घंटों में जलभराव, करंट, और सड़क हादसों के कारण नौ लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिसमें नरेश की मौत भी शामिल है।
