DM: गर्मी और लू से बचाव के लिए डीएम ने जारी की एडवाइजरी,सतर्कता बरतने की अपील
DM: गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान और लू के खतरों को देखते हुए कुशीनगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपदवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने लू को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यह शरीर के तापमान को असामान्य रूप से बढ़ा सकती है और जानलेवा हो सकती है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और पशुओं की देखभाल पर जोर दिया गया है।
लू से बचाव के लिए दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि दोपहर 11:00 बजे से 4:00 बजे तक बाहर निकलने से बचें। आवश्यक होने पर सिर को टोपी, गमछा या रूमाल से ढकें और हल्के, सूती कपड़े पहनें।
शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए पानी, नींबू पानी, छाछ या आम पना जैसे तरल पदार्थों का नियमित सेवन करें। चक्कर, बुखार, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से संपर्क करें।
बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल
डीएम ने बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचाने और पर्याप्त तरल पदार्थ देने की सलाह दी। घर को हवादार और स्वच्छ रखने पर जोर दिया गया।
पशुओं की सुरक्षा के उपाय
पशुओं को छायादार, हवादार जगह पर रखने, ठंडा पानी उपलब्ध कराने और दिन में एक-दो बार ठंडे पानी से नहलाने की सिफारिश की गई। पशुओं में कमजोरी या सुस्ती दिखने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करने को कहा गया।
किसानों के लिए सुझाव
किसानों को सुबह-शाम के समय खेतों में काम करने, दोपहर में आराम करने और खेतों पर पानी, छाया व ओ.आर.एस. का प्रबंध रखने की सलाह दी गई। थकावट या चक्कर की स्थिति में तुरंत छाया में विश्राम करने को कहा गया।
सतर्कता और सहायता
जिलाधिकारी ने धूप में छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करने, तला-भुना भोजन टालने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।
आपात स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग के नंबर 102, 108, आपदा शिकायत के लिए 05564-240590 या 1077 पर संपर्क करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने जन सहयोग के साथ लू के प्रकोप से निपटने की बात कही। जिला प्रशासन सतर्क है और जनहित में कार्य कर रहा है।
सूचना विभाग, कुशीनगर
