Case filed:दरोगा की लापरवाही, केस डायरी गायब,हाईकोर्ट की फटकार के बाद मुकदमा दर्ज
Case filed: कुशीनगर जनपद के खड्डा थाने में तैनात रहे तत्कालीन दरोगा रामअवध राम की लापरवाही भारी पड़ गई।
वर्ष 2017 में दर्ज एक मुकदमे की केस डायरी गायब होने और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल न करने के मामले में वर्तमान थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने दरोगा रामअवध राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
वर्तमान में रामअवध राम की तैनाती देवरिया जिले में है। इस मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
मामला वर्ष 2017 का है, जब खड्डा कस्बा निवासी सुनील, रामपुर गोनहा निवासी अभिषेक, मदन कुशवाहा समेत कई लोगों पर छेड़खानी, मारपीट और बलवा का मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसकी विवेचना तत्कालीन दरोगा रामअवध राम को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान छेड़खानी और बलवा के आरोप गलत पाए गए, जिसके बाद दरोगा ने मारपीट और धमकी देने का आरोप पत्र तैयार किया।
हालांकि, उन्होंने इस आरोप पत्र को इन्द्राज जेड रजिस्टर में दर्ज नहीं किया और न ही कोर्ट में केस डायरी प्रस्तुत की।
मामला तब सामने आया जब अभिषेक अपने असलहा का नवीनीकरण कराने खड्डा थाने पहुंचे।
वहां दरोगा ने उसे बताया कि उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है और मामला कोर्ट में चल रहा है।
यह सुनकर अभिषेक हैरान रह गए, क्योंकि उसे इतने पुराने मामले की कोई जानकारी नहीं थी और न ही कोर्ट से कोई समन मिला था।
अभिषेक ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की
कोर्ट में जांच करने पर पता चला कि उक्त मुकदमा नंबर की कोई केस डायरी ही दाखिल नहीं हुई है।इसके बाद अभिषेक ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब तलब किया तो खुलासा हुआ कि केस डायरी गायब है।
आनन-फानन में थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने तत्कालीन विवेचक रामअवध राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट को जवाब दिया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि हाईकोर्ट में रिट दाखिल होने के बाद जांच में केस डायरी गायब पाई गई, जिसके आधार पर विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है।
रिपोर्ट :अनिल कुमार सिंह
