Sugarcane: गन्ना शोध संस्थान द्वारा 9 जिले को 4122 कुंतल अभिजनक गन्ना बीज किया आबंटित
Sugarcane:बसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए 2025-26 हेतु अपर गन्ना आयुक्त विकास एवं शोध समन्वय कार्यालय गन्ना आयुक्त लखनऊ वीके शुक्ला के निर्देश पर गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान सेवरही द्वारा 9 जिलों को 4122 कुन्तल अभिजनक गन्ना बीज (ब्रीडर सीड) का आवंटन किया गया है।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति देते हुए बताया कि गन्ने की उत्पादकता एवं चीनी परता बढ़ाने में गन्ना प्रजातियों का सबसे बड़ा योगदान है।
गन्ने की चार प्रजातियां शीघ्र पकने वाली को. शा. 13235, को.लख. 14201, को. 0118, यू.पी. 05125 का 3273 कुंतल तथा 4 मध्य देर से पकने वाली प्रजातियां को.शा. 9232, को. से. 8452, को.से. 13452 तथा को. शा. 10239 का 849 कुंतल आवंटन हुआ है।
गन्ना विकास परिषद परिक्षेत्र में पौधशाला भी कृषकों के खेतों पर स्थापित किया गया है।
जहां बीज गन्ना उपलब्ध है। कुशीनगर जिला को 372 कुन्तल, देवरिया 204 कुन्तल, महाराजगंज 600 कुन्तल, मऊ-352 कुन्तल, बलिया-150 कुंतल, आजमगढ़ 700 कुंतल, बस्ती 690 कुंतल, सिद्धार्थनगर174 कुन्तल गन्ना बीज संवर्धन केंद्र लक्ष्मीपुर कुशीनगर के वरिष्ठ वैज्ञानिक कीट डॉ. वीके मिश्रा ने बताया कि इस केंद्र से 2909 कुन्तल आवंटन हुआ है।
सेवरही गन्ना शोध के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष सिंह के अनुसार गन्ना बीज का वितरण, गन्ना विकास विभाग द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर प्रांरभ कर दिया गया है,
उपगन्ना आयुक्त गोरखपुर उषा पाल, उप गन्ना आयुक्त देवरिया एपी सिंह ने गन्ना बीज बुवाई के लिए संबंधित को निर्देश जारी कर दिया है।
गन्ना शोध तकनीक को प्रयोगशाला से किसान के खेत पर पहुंचाने के लिए गोरखपुर – बस्ती-आजमगढ़ मंडल के 25 हजार गन्ना कृषकों को प्रशिक्षण सत्र 2024-25 में प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त गन्ना कृषकों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, करनाल, महाराष्ट्र प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान लखनऊ के निदेशक श्री विश्वेष कनौजिया के मार्ग निर्देशन में उन्होंने सहायक निदेशक गन्ना किसान संस्थान पर पिपराइच गोरखपुर को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण का परिणाम कृषकों के खेतों पर दिखाई देना चाहिए।
