Suicide: अस्पताल संचालक को भुगतान करने के लिए नहीं हो पाएगा पैसे का इंतजाम,पानी में डूबकर की आत्महत्या
Suicide: जनपद के देवरिया थाना क्षेत्र के डुमरी परमानंदपुर गांव की वीणा देवी (60) बहू के उपचार के बाद अस्पताल संचालक को भुगतान करने के लिए पैसे का इंतजाम नहीं कर पाई।
परेशान होकर उन्होंने धरफरी हाईस्कूल के पास पुल के नीचे गड्ढे के पानी में डूबकर आत्महत्या (Suicide) कर ली।
बताते हैं कि डुमरी परमानंदपुर गांव निवासी दिवंगत राम एकबाल दास की पत्नी वीणा देवी ने 13 दिन पूर्व गर्भवती बहू अंजलि कुमारी को पारू चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
उसको पहला बच्चा होने वाला था। उस वक्त उनके पास मात्र 50 रुपये ही थे।
50 रुपये जमा किए
उन्होंने अस्पताल संचालक के पास 50 रुपये जमा कर चिकित्सा शुरू करने की मिन्नत की।
डॉक्टर ने अंजलि का ऑपरेशन कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। किसी तरह छह हजार रुपये की व्यवस्था कर उन्होंने अस्पताल में जमा किया।
चार दिनों से वीणा देवी अस्पताल संचालक के दबाव पर शेष 28 हजार रुपये का भुगतान करने के लिए गांव के लोगों व रिश्तेदारों से कर्ज देने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं,
लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। अंजलि अभी अस्पताल में ही है।
पैसों के लिए दर-दर भटकी रहीं
आसपास की कुछ महिलाओं ने बताया कि मंगलवार को पूरे दिन पैसे के लिए वह दरवाजे-दरवाजे भटकती रहीं,
लेकिन कोई इंतजाम नहीं हुआ। उनके छोटे पुत्र सुबोध ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब छह बजे मां ने सौ रुपये दिए और कहा कि हम कर्ज लेने जा रहे हैं।
बुधवार को अस्पताल में जमा करा तुम्हारी भाभी को घर ले आएंगे। यह कहकर वह घर से निकल गईं।
काफी देर तक नहीं लौटने पर एक रिश्तेदार ने खोज की तो पता चला कि वह पारू गई हैं। बुधवार को सुबह पानी भरे गड्ढे में शव होने की जानकारी मिली।
पति गुजरात में करता है मजदूरी
बताते हैं कि वीणा देवी का बड़ा बेटा और अंजलि का पति संदेश दास गुजरात में रहकर मजदूरी करता है।
तीन साल पहले उसकी शादी हुई थी। वहीं, वीणा की बड़ी बेटी संध्या की शादी पिछले साल हुई थी, लेकिन उसे ससुरालवालों ने छोड़ दिया है।
उसके पति की मौत भी पिछले साल ही हो गई थी। उसके तीन बच्चे हैं। घटना के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। समाचार लिखे जाने तक बहू अस्पताल में ही भर्ती थी।
वीणा देवी ने बहू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सा में अस्पताल के खर्च का भुगतान करने के लिए कहीं से कर्ज नहीं मिला। प्रथमदृष्टया इससे परेशान होकर आत्महत्या करने का मामला प्रतीत हो रहा है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। – रामविनय कुमार, थानाध्यक्ष, पारू
