PM Awas Yojana: लखनऊ से आई विशेष टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले की कर रही जांच,जिले भर में मचा हड़कंप
PM Awas Yojana: कुशीनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में हुए घोटाले की जांच लखनऊ से आई विशेष टीम द्वारा की जा रही है।
खड्डा और कप्तानगंज सहित जिले के कई हिस्सों में पात्र लोगों को दरकिनार कर अपात्रों को आवास दिए
जाने की शिकायत पर यह जांच शुरू हुई है। गुरुवार और शुक्रवार को चली इस जांच से जिले भर में हड़कंप मच गया है।
सिसवा गोपाल और सोहरौना में मिली भारी गड़बड़ी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मदन गोविंद राव की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए थे।
इसके बाद लखनऊ से आई संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय की उपायुक्त सुमन लता ने गुरुवार को खड्डा ब्लॉक के सिसवा गोपाल और
सोहरौना गांवों में जांच शुरू की। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिले, जो पात्र होने के बावजूद आवास योजना से वंचित थे।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि जिम्मेदार अधिकारियों ने 20 हजार रुपये की रिश्वत न देने पर लोगों को अपात्र बना दिया।
कप्तानगंज में भी मिली अनियमितता
दूसरे दिन, टीम ने कप्तानगंज ब्लॉक के कारीतिन और पेमली गांवों में जांच की।
कारीतिन में टीम ने उदयभान सहानी, मोती हरिजन और कुम्मन हरिजन के घरों का निरीक्षण किया,
जो पात्र होते हुए भी आवास योजना से वंचित पाए गए। पेमली गांव में टीम ने 6 लोगों के आवास की जांच की,
जहां स्थिति संतोषजनक रही। जांच टीम की रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी।
पात्रों को आवास से वंचित करने की हो रही थी साजिश
जांच के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कई पात्र व्यक्तियों को जानबूझकर आवास योजना से बाहर कर दिया गया।
उपायुक्त सुमन लता ने बताया कि इन लोगों को आवास मुहैया कराया जाएगा
और जो लोग अभी भी वंचित रह जाएंगे, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई थी जांच
पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने 11 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस घोटाले की शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त अखिलेश कुमार सिंह ने 9 सितंबर को जांच की प्रक्रिया शुरू की थी।
टीम अब सभी ब्लॉकों के गांवों में जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
