wolf: आखिरकार पकङा गया आदमखोर भेड़िया, दो महीने में भेड़ियों का झुंड 9 लोगों की ले चुका है जान

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wolf: आखिरकार पकङा गया आदमखोर भेड़िया, दो महीने में भेड़ियों का झुंड 9 लोगों की ले चुका है जान

wolf:बहराइच में आदमखोर भेड़िया आखिरकार पकड़ा गया। भेड़िया मंगलवार सुबह 4 बजे हरबंशपुर गांव में घुस रहा था।

सर्चिग कर रही टीम और ग्रामीणों की नजर पड़ गई। लाठी-डंडे लेकर भेड़िया को घेरा और उसके पीछे दौड़े।

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इत्तेफाक से भेड़िया उसी दिशा में भागा, जिधर वन विभाग ने जाल लगा रखा था।

जाल में फंसते ही खूंखार को दबोचने के लिए वन विभाग के कर्मचारी आगे आए, लेकिन उसकी फुर्ती और छटपटाहट देखकर घबरा गए।

फिर ग्रामीण आए। 10 लोगों ने भेड़िए को दबोचा तब जाकर उसे पिंजरे में कैद किया गया।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की 500 कर्मियों की टीम 20 दिन से आदमखोर की तलाश में लगी हुई है।

2 महीने में भेड़ियों का झुंड 9 लोगों की जान ले चुका है। 50 से ज्यादा पर हमला कर चुका है।

भेड़िया जिस हरबंशपुर गांव में पकड़ा गया। वह महसी तहसील में है। यह पूरा इलाका घाघरा नदी का कछार है। जिला मुख्यालय से इसकी दूरी 35 किमी है।

DFO ने कहा- यह 5 वां भेड़िया, अभी एक और बचा

बहराइच DFO अजीत प्रताप सिंह ने कहा- यह 5वां भेड़िया है। अभी एक और बचा है।

जिस दिन उसका वक्त खराब होगा और हमारा अच्छा। उस दिन वह भी पकड़ा जाएगा।

करीब एक या डेढ़ घंटे के ऑपरेशन में इस भेड़िया को पकड़ा गया है। इसे बिना ड्रोन की मदद से पकड़ा गया है, क्योंकि ड्रोन देखकर भेड़िया भाग जाते थे।

भेड़िया को कहां भेजा जाएगा? सीनियर अफसर इस निर्णय लेंगे। ये लंगड़ा भेड़िया नहीं है। भेड़िए ग्रुप में शिकार करते थे।

इनकी आदत खराब हो गई थी। यह बच्चों का शिकार करने लगे थे। अभी एक भेड़िया और बचा हुआ है।

उस 6वें भेड़िए को पकड़ने के लिए हम 100% कोशिश कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों को हमने इस ऑपरेशन में शामिल किया है।

यानी, जब तक 6वां भेड़िया नहीं पकड़ा जाता है, तब तक बहराइच के 50 गांवों के 80 हजार लोगों की दहशत खत्म नहीं होगी।

पूरी रात चला ऑपरेशन… ऐसे पकड़ा गया भेड़िया

भेड़िए पकड़ने के ऑपरेशन से जुड़े ग्रामीण मो. हनीफ ने भास्कर को बताया- सोमवार शाम को इस इलाके में भेड़िए के पैरों के मार्क मिले थे।

यहां भेड़िए ने एक बकरी पर भी हमला किया था। इसके बाद रात में ऑपरेशन चलाया।

उसके भागने के संभावित रास्तों में करीब 400-500 मीटर तक जाल लगाया गया।

पूरी रात इंतजार किया, लेकिन भेड़िया नजर नहीं आया। सुबह करीब 4 बजे एक ग्रामीण को भेड़िया नजर आया।

उसने चिल्लाना शुरू किया। पूरी टीम अलर्ट हो गई। हमारी कोशिश थी कि भेड़िया उसी दिशा में भागे,

जहां जाल लगा हुआ है। हुआ भी यही, भेड़िया उधर ही भागा और जाल में फंस गया।

वह जाल में फंसकर छटपटाने लगा। गुर्राने लगा। बड़ी मुश्किल से उसको काबू किया गया।

हरबंशपुर गांव में ही वन विभाग ने अपना बेस कैंप बना रखा था। वहां से तुरंत पिंजरा मंगाया गया। उसे पिंजरे में कैद किया गया।

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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