Cabinet: योगी कैबिनेट में तेरो तेरे प्रस्ताव पर लगी मुहर, युवाओं को इससे काफी होगा फायदा
Cabinet: उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने मंगलवार को डाटा सेंटर संशोधन नीति, सेटलमेंट डीड समेत 13 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।
कैबिनेट की बैठक में 14 प्रस्ताव रखे गए थे। डाटा सेंटर संशोधन नीति से अब डिजिटल में ज्यादा मौके मिल सकेंगे।
युवाओं को इससे काफी फायदा होगा। सेटलमेंट डीड की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा।
सेलटमेंट डीड के तहत पारिवारिक संबंधियों के नाम रजिस्ट्री करने पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क, खर्च करने होंगे सिर्फ 5 हजार रुपए ही लगेंगे।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल आपूर्ति के लिए रखरखाव नीति को मंजूरी दी गई है।
देशी विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए संविदा पर राज्य पर्यटन निगम के गेस्ट हाउस देने को भी मंजूरी मिली है।
प्रदेश में कुल 87 पर्यटक गृह
प्रदेश में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर आवासीय एवं खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए
यूपी राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा संचालित पर्यटक आवास गृहों को प्रबन्धकीय संविदा के आधार पर निजी उद्यमियों के माध्यम से
30 साल के लिए लीज पर संचालित कराये जाएंगे। प्रदेश में कुल 87 पर्यटक गृह है।
संस्कृत छात्रों की स्कॉलशिप भी बढ़ा दी गई है।सरकारी संस्कृत विद्यालय के छात्रों की छात्रवृति बढ़ाने की मंजूरी का लाभ हर आय वर्ग को होगा।
इससे पहले जनवरी 2021 में डाटा सेन्टर नीति बनाई गई थी
डाटा सेन्टर क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी नीतियों में बदलाव किया है।
इससे पहले जनवरी 2021 में डाटा सेन्टर नीति बनाई गई थी। राज्य में 900 मेगा वॉट डाटा सेन्टर उद्योग विकसित किये जाने,
30,000 करोड़ के निवेश और कम से कम 8 अत्याधुनिक निजी डाटा सेन्टर पार्क्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नीति के अन्तर्गत डाटा सेन्टर पार्क्स और डाटा सेन्टर इकाइयों को पूंजी उपादान, ब्याज उपादान,
भूमि के क्रय/पट्ट पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट और ऊर्जा से सम्बन्धित वित्तीय प्रोत्साहनों के अतिरिक्त विभिन्न गैर वित्तीय प्रोत्साहनों दिए जाएंगे।
बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहनों की व्यवस्था की गई है।
डाटा सेंटर पार्क्स/इकाइयों की स्थापना और औद्योगीकरण से प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।
इससे इसके साथ ही प्रदेश में इस क्षेत्र की दूसरी इकाइयां भी आएंगी। प्रतिस्पधा के कारण प्रदेश में इस क्षेत्र में नए Innovation को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में नई प्रौद्योगिकी का भी विकास होगा।
