Birds से दोस्ती को लेकर फिर चर्चा में आए Aarif,पहले सारस अब बाज और कबूतर को बनाया दोस्त

Date:

spot_img
spot_img

Date:

spot_img
spot_img

Birds से दोस्ती को लेकर फिर चर्चा में आए Aarif,पहले सारस अब बाज और कबूतर को बनाया दोस्त

Birds: पहले सारस फिर बाज और अब कबूतर। एक पक्षी जाता है तो दूसरा साथ निभाने आ जाता है। ताज्जुब की बात यह है कि सभी पक्षी एक ही तरीके से साथ रहते हैं। साथ खाते हैं। साथ चलते हैं।

यूपी के अमेठी जिले के मंडखा निवासी मोहम्मद आरिफ की पक्षियों से बेमिसाल दोस्ती देखकर आप को भी हैरत होने लगेगी। आरिफ पक्षियों से दोस्ती को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

- Advertisement -
- Advertisement -

यह भी पढ़ें :Stork: सिर्फ 10 मिनट की मुलाकात, आरिफ को देखते ही बेताब हो गया सारस, चोंच में दबा ली उंगली, देखें यह VIDEO

मोहम्मद आरिफ की पक्षियों की दोस्ती की कहानी की शुरुआत इत्तेफाक से हुई। खेती किसानी करने वाले मोहम्मद आरिफ को अगस्त 2022 में खेतों में घायल अवस्था में एक सारस मिला था।

आरिफ ने उसका इलाज किया तो वह उनके साथ ही रहने लगा। उन्हीं के साथ उड़ता खाता था। मार्च 2023 में आरिफ और बाज की दोस्ती चर्चा में आई। किसी ने बाइक से बाजार जाते आरिफ और उनके ऊपर उड़ते सारस का एक वीडियो बना लिया।

देखते ही देखते आप आरिफ के घर पर सारस और उनकी दोस्ती देखने वालों की भीड़ लग गई। जिसके बाद 6 मार्च को पूर्व सीएम अखिलेश यादव आरिफ से मिलने पहुंच गए।

अचानक से मीडिया और सोशल मीडिया में आरिफ छा गए। बाद में मामला गर्म होने के बाद वन विभाग ने आरिफ से सारस लेकर पहले समसपुर पक्षी विहार और फिर कानपुर प्राणि उद्यान भेज दिया।

सारस जाने के बाद बाज से दोस्ती

सारस को अलग कर दिए जाने के बाद काफी दिनों तक आरिफ गुमसुम रहने लगे। इसी बीच उन्होंने पक्षियों के संरक्षण के लिए एक स्वयंसेवी संगठन भी बना डाला। साल 2023 के अगस्त माह में आरिफ और बाज की दोस्ती सामने आई।

रायबरेली जिले के नसीराबाद के पास एक बज घायल अवस्था में मिला लोगों ने आरिफ को फोन मिलाया। आरिफ उसे अपने साथ लाए और उसका इलाज कराकर छोड़ दिया।

बाज भी उन्हें छोड़कर नहीं गया और आरिफ के साथ ही रहने लगा। बाज और आरिफ की दोस्ती के चर्चे शुरू हुए तो बाद में वन विभाग बाज भी ले गया था।

अब कबूतर से की दोस्ती

दो महीने पहले आरिफ के नंबर पर बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ से फोन आया कि एक घायल कबूतर यहां पड़ा हुआ है।

Aarif ने उस कबूतर को बचाया और अपने साथ ले आए। इसके बाद उन्होंने घर पर ही कबूतर के इलाज की व्यवस्था की।ठीक होने के बाद कबूतर अब उनके साथ ही रहने लगा है। यह उनके और परिजनो के साथ ही रहता है और घूमता फिरता है।

Aarif और उसके बेटे के साथ उड़ता रहता है। सारस की तरह ही कबूतर भी आरिफ की बाइक के ऊपर उड़ता रहता है। अब आरिफ और कबूतर की दोस्ती की भी लोग चर्चा कर रहे हैं।

क्या कहते हैं आरिफ

आरिफ ने कहा कि कबूतर Birds मेरा दोस्त है। कबूतर बहुत लोगों ने पाल रखा है। मैने इसे पाला भी नहीं है, यह आजाद है। अपनी मर्जी से आता जाता है। उम्मीद है वन विभाग इसे नहीं ले जायेगा।

यह भी पढ़ें :zoo stock:चिड़ियाघर में दोस्त आरिफ को देख तड़प उठा सारस, बाड़े में चोंच मारकर जताया दर्द

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

सेवानिवृत्ति डीएफओ एमएन सिंह कहते हैं कि पशु पक्षी भी अपने हितैषी जानते समझते हैं। आरिफ द्वारा उन पक्षियों की सेवा सुश्रुसा की गई इसलिए उनके उनसे संबंध हो गए।

हालांकि जो पक्षी पालने योग्य नहीं है उनके लिए मानव के साथ अनुकूलता नहीं होती है। इसलिए उन पक्षियों को मनुष्य से दूर कर दिया जाता है।

 

 

Share This:
Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

Most Popular

More like this
Related