Astrology: जानिए कुंडली में कौन से ग्रह के कमजोर होने से स्वास्थ्य रहता है हमेशा खराब
Astrology: कुंडली में लग्न कमजोर हो जाए तो व्यक्ति के अंदर
रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है, अगर लग्न और लग्नेश यानी लग्न के स्वामी
कमजोर हो जाएं तो व्यक्ति में शारीरिक कमजोरी देखने को मिलती है.
प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने के कारण रोग ग्रस्त व्यक्ति का इलाज करने के बाद भी
उसकी स्वास्थ्य में सुधार की गति बहुत धीमी रहती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार
हर लग्न के कमजोर होने की स्थिति में व्यक्ति में विभिन्न प्रकार के रोग पैदा होते हैं.
मंगल कमजोर होने के लक्षण
मेष लग्न वाले लोगों का लग्नेश मंगल ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का मुख्य कार्य करते हैं,
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यदि यह मंगल किसी नकारात्मक ग्रह या स्थिति में फंस जाए तो इसका पूर्ण प्रभाव सर्वप्रथम शरीर पर ही पड़ता है.
मंगल के बिगड़ने से चोट-चपेट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. आए दिन चोट चपेट लगती रहती है,
स्थिति ऑपरेशन कराने की भी आ सकती है. इसके अलावा सीने में दर्द,
ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है, यदि इसी के साथ राहु की स्थिति भी खराब हो जाए तो
संबंधित व्यक्ति को जहरीली वस्तु से हानि या किसी जानवर के काटने की संभावना अधिक हो जाती है.
केतु के साथ मंगल यदि है तो मानसिक रूप से कुछ तनाव बना ही रहता है.
मंगल को मजबूत करने के उपाय
मंगल के कमजोर रहने की स्थिति में व्यक्ति को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय करने चाहिए,
इसके लिए मूंगा रत्न धारण किया जा सकता है. मूंगा रत्न मंगल ग्रह से निकलने वाली
किरणों को लेकर आपके शरीर में प्रवेश कराने का कार्य कर सकता है.
इसके अलावा हनुमान जी की आराधना करने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है.
इसके लिए मंगलवार का व्रत करना चाहिए जिसमें एक ही समय भोजन करने और
नमक का सेवन न करने का विधान है. इतना ही नहीं प्रतिदिन प्रातः स्नान के बाद
हनुमान चालीसा का पाठ और माथे पर उनके विग्रह के चोले का
टीका लगाना चाहिए, सुंदरकांड का पाठ करने से भी मंगल मजबूत होते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Computer Jagat इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
