khatauni: अब 6 मिनट में अपडेट हो जाएगी खतौनी, हाईटेक होगा सिस्टम, धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
khatauni: आपके जमीन का हिसाब किताब रखने वाली खतौनी अब छह साल में नहीं बल्कि
छह मिनट में अपडेट होगी। इधर आपके द्वारा अपनी जमीन में कोई परिवर्तन किया जाएगा,
उधर खतौनी में वह अपडेट हो जाएगा। इसके लिए एक प्रकार का साफ्टवेयर तैयार किया गया
है। अब तक इसमें जहां 13 कालम होते थे वहीं अब इसमें 19 कालम कर दिए गए हैं।
खतौनी किसानों का एक महत्वपूर्ण अधिकार पत्र होता है।
इसमें उनके खेत से जुड़ी सारी जानकारी निहित होती है।
अब तक खतौनी में छह साल पर संशोधन होता था। यानी खाते के साथ कुछ भी परिवर्तित होने
पर उसे छह साल बाद अपडेट किया जाता था। इसीलिए खतौनी को षटवार्षिक खतौनी कहा
जाता था। अब इसे सरकार ने रियल टाइम करने की योजना तैयार की है।
राजस्व परिषद एक साफ्टवेयर पर खतौनी से जुड़ी सभी जानकारियां अपडेट कर रहा है।
इसके बाद खाते में होने वाले सारे परिवर्तन इसी साफ्टवेयर पर तत्काल अपडेट होते रहेंगे।
खातावार के बजाए गाटावार होगी खतौनी
षटवार्षिक खतौनी जहां खातावार होती थी, वहीं रियल टाइम खतौनी गाटावार होगी।
गाटा ही जमीन का असली नंबर होता है। गाटे का पूरा विवरण भी खतौनी में दर्ज होगा।
मसलन ऋण, बैनामा, मुकदमा आदि से जुड़ी जानकारियां निहित होंगी।
खत्म होगा आर सिक्स रजिस्टर
लंबे समय से खतौनी अपडेट करने के लिए मैनुअल रूप में प्रयोग किया जाने वाला लाल
रजिस्टर आर सिक्स का प्रयोग बंद होगा। अब तक जमीन में होने वाले परिवर्तन यथा बंधकमुक्ति,
बंधक, बैनामा, वरासत, वसीयत आदि का अंकन पहले रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा आर सिक्स
रजिस्टर पर मैनुअल किया जाता था। उसके बाद इसे आनलाइन किया जाता था।
फिर खतौनी में अपडेटेशन होता था। वहीं अब रियल टाइम खतौनी के आ जाने से आर सिक्स
का मैनुअल प्रयोग बंद होगा। सीधे आनलाइन एंट्री के बाद खतौनी में सबकुछ अपडेट कर दिया
जाएगा। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
तीन स्तर पर हो रही चेकिंग
खतौनी का लेखपाल द्वारा मिलान किया जा रहा है।
इसके बाद तहसील स्तर पर एसडीएम तक मिलान की चेकिंग करेंगे।
दूसरे स्तर पर एडीएम द्वारा दस में से एक खतौनी का मिलान चेक किया जाएगा।
डीएम द्वारा भी किसी एक खतौनी का तहसीलवार मिलान चेक किया जाएगा।
अमेठी एडीएम अजित कुमार सिंह ने बताया कि रियल टाइम खतौनी आ जाने से
धोखाधड़ी रुकेगी। जमीन के विषय में सबकुछ अपडेट रहेगा।
कोई जमीन से जुड़ा धोखा नहीं कर सकेगा। सारे विवादों का खतौनी में अंकन रहेगा।
जिले में इसका काम तेजी से चल रहा है। मिलान का काम लगभग पूरा हो गया है।
चुनाव की वजह से थोड़ा गति मंद हुई है। इसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
