Reservation: यूपी निकाय चुनाव: नए सिरे से आरक्षण के साथ जानिए कब क्या होगा? अधिसूचना की डेट क्या होगी
Reservation: यूपी में निकाय चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी सोमवार को मिल गई।
इसके साथ ही यूपी में निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर सीटों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना दो
दिनों के अंदर जारी होने की बात भी कह दी गई है। नियमों के अनुसार सात दिनों में इस पर
आपत्तियां ली जाएंगी। इस हिसाब से पांच अप्रैल तक आपत्तियां ली जा सकती हैं।
इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए कम से कम चार से पांच दिन चाहिए होंगे।
इस हिसाब से 10 अप्रैल तक सीटों के आरक्षण को फाइनल करते हुए अंतिम अधिसूचना जारी हो
सकती है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नगर विकास विभाग 10 से 15 अप्रैल के
बीच राज्य निर्वाचन आयोग को निकाय चुनाव कराने का कार्यक्रम सौंप सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग कार्यक्रम मिलने के बाद उसी दिन शाम को
निकाय चुनाव का ऐलान करने के साथ ही अधिसूचना जारी कर सकता है।
मेयर व अध्यक्ष की सीटों का अब नए सिरे से होगा आरक्षण
शासन स्तर पर नगर निगम मेयर, पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों को नए सिरे
आरक्षित करने की कवायद शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर सीटों को
आरक्षित करते हुए दो दिनों में इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी की जानी है।
इससे पहले प्रदेश सरकार को निकाय चुनाव से जुड़े अधिनियम में संशोधन करना होगा।
प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर
सीटों का आरक्षण करते हुए अनंतिम अधिसूचना जल्द जारी करते हुए आपत्तियां की लाएंगी।
अधिनियम में होगा संशोधन
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग
आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सीटों का आरक्षण करने और
अधिसूचना जारी करने की अनुमति दे दी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर
सीटों का आरक्षण करने के लिए नियमावली में संशोधन की जरूरत पड़ेगी।
मौजूदा समय उत्तर प्रदेश नगर निगम व नगर पालिका
परिषद (स्थानों और पदों का आरक्षण व आवंटन) नियमावली-1994 के आधार पर
सीटों का आरक्षण किया जाता है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सीटों का आरक्षण करने के
लिए इस नियमावली में प्रावधान की जरूरत पड़ेगी
और इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है।
बदलेगा पूरा आरक्षण
यूपी में निकाय चुनाव वर्ष-2022 में होना था। नगर विकास विभाग ने इसके लिए सीटों का
आरक्षण करते हुए 5 दिसंबर-2022 को इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी की थी।
आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी होती, इससे पहले ट्रिपल टेस्ट के आधार पर सीटों का
आरक्षण न होने पर ओबीसी कोटे को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर आनन-फानन में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया।
अब इसके आधार पर आरक्षण होना है, इससे साफ है
कि दिसंबर-2022 में सीटों का हुआ आरक्षण अब पूरी तरह से बदल जाएगा।
दिसंबर-2022 में यह सीटें हुई थीं आरक्षित
मेयर के लिए आरक्षित सीटें-17
मेयर की सीटें : आगरा एससी महिला, झांसी एससी, मथुरा-वृंदावन व अलीगढ़ ओबीसी महिला,
मेरठ व प्रयागराज ओबीसी, अयोध्या, सहारनपुर, मुरादाबाद सभी महिला, फिरोजाबाद,
गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, बरेली व शाहजहांपुर सभी अनारक्षित
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की सीटें-199
– एससी महिला 9
– एससी 18
– ओबीसी महिला 18
– ओबीसी 36
– महिला 40
– अनारक्षित 78
नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटें-544
– एससी महिला 25
– एससी 49
– ओबीसी महिला 49
– ओबीसी 97
– महिला 107
– अनारक्षित 217
