leopard: दहशत का पर्यात बना आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, दो महीने में दो बच्चों को बना चुका है निवाला
leopard: उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज के
आसपास के गांवों में दहशत का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ वन विभाग के हत्थे चढ़ कर
पिंजरें में कैद हो गया है। वन विभाग के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि
सोमवार रात में जैसे ही मृत मवेशी का शिकार करने के लिए तेंदुआ पिंजरे में गया, वैसे ही फाटक गिर गया।
वनकर्मी तेंदुआ (leopard) को लेकर रेंज कार्यालय पहुंचे हैं। उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
मोतीपुर रेंज के विभन्नि गांवों को पिछले दो महीने से तेंदुआ लोगों पर हमला कर रहा था।
वह दो बच्चों को अपना निवाला भी बना चुका है। इसको देखते हुए डीएफओ आकाशदीप वधावन ने
दो माह पूर्व मोतीपुर रेंज के सोमई गौडी गांव में पिंजरा लगाया था।
इसके साथ ही पिंजरे में बकरी को बांध दिया था लेकिन काफी दिनों से तेंदुआ(leopard) पकड़ में नहीं आ रहा था।
सोमवार रात को तेंदुआ (leopard) जैसे ही शिकार के लिए पिंजड़े में रखे
मांस को उठाने के लिए घुसा, वैसे ही पिंजरे का फाटक बंद हो गया।
ग्राम प्रधान जय प्रकाश यादव ने सूचना रेंज कार्यालय में दी। वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्य,
एसडीओ और अन्य वन कर्मी मौके पर पहुंचे। सभी तेंदुए को रेंज कार्यालय लेकर आए।
डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ (leopard) का स्वास्थ्य परीक्षण डॉक्टरों की टीम से कराया जा रहा है।
मुख्य वन संरक्षक और फील्ड डायरेक्टर के नर्दिेश पर तेंदुए (leopard) को
किस जंगल में छोड़ा जाएगा, इसका फैसला लिया जाएगा।
