Coronas: कोरोना का बढ़ा खतरा तो फिर लौटा मास्क, जानें कहां-कहां लगी पाबंदी; अब तक उठाए गए क्या-क्या कदम
coronas: दुनिया के कई देशों में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार के बीच भारत में इससे बचाव के कई
कदम उठाए जा रहे हैं. केंद्र के निर्देश के बाद राज्य सरकारें भी अलर्ट हो गई हैं.
राज्य सरकारों ने कोविड के नए वेरिएंट से बचाव के लिए एहतियाति कदम उठाने शुरू कर दिये हैं.
कोविड की बढ़ती आशंकाओं के बीच कई जगहों पर मास्क की वापसी (Mask Return) हो गई है.
कर्नाटक में गुरुवार को एक बार फिर से सभी बंद जगहों पर मास्क को अनिवार्य कर दिया गया है.
इस बाबत स्वास्थ्य विभाग ने कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी कर लोगों से दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा है.
उधर, एम्स दिल्ली में भी मास्क को अनिवार्य (Mask Mandatory) किया गया है.
AIIMS प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि अब एम्स के स्टाफ को अस्पताल परिसर में
कोविड (coronas) नियमों का पालन करना होगा. साथ ही अब परिसर में सबका मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया
है. उधर, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी मास्क की वापसी के आसार दिख रहे हैं.
मुंबई के मुंबा देवी मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर में दर्शन के दौरान मास्क लगाने के
आदेश का पालन करें. इसके अलावा आगरा के ताजमहल देखने वाले पर्यटकों के लिए कोरोना टेस्टिंग
अनिवार्य की गई है. इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी
स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोविड की मौजूदा स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की.
कर्नाटक में मास्क अनिवार्य
कर्नाटक में एक बार फिर मास्क को अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि चीन में
कोविड मामलों में आए उछाल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है..
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी एडवाइजरी के मुताबिक सभी बंद जगहों पर मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है.
इसके अलावा, विदेश से आने वाले यात्रियों की रैंडम कोविड टेस्टिंग भी की जाएगी.
इसके साथ-साथ सरकार हर दिन 2,000-4,000 मरीजों का कोविड टेस्ट करेगी. साथ ही सभी जिला अस्पतालों को
कोविड मरीजों के लिए बेड रिजर्व करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही बूस्टर डोज देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे.
AIIMS में मास्क पहनना जरूरी
दिल्ली एम्स प्रशास ने परिसर के अंदर मास्क पहनना जरूरी किया है. एम्स प्रशासन ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है.
प्रशासन की तरफ से जारी एडवाइजरी के मुताबिक एम्स में सबका मास्क पहनना जरूरी होगा. इसके अलावा पांच से
ज्यादा लोगों के जमा होने पर भी रोक लगा दी गई है और अलावा कैंटीन में भीड़भाड़ से बचने की अपील की गई है.
मुंबा देवी मंदिर प्रबंधन की अपील
मुंबई के मुंबा देवी मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर में दर्शन के दौरान मास्क लगाने के आदेश का
पालन करें. कोरोना के बढ़ते खतरों के बीच मंदिर प्रशासन की तरफ से यह अपील की गई है.
एक दिन पहले डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि राज्य सरकार
स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक कार्यबल या एक समिति का गठन करेगी.
IMA ने जारी की एडवाइजरी
IMA ने कोरोना (coronas) से बचाव को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है.
IMA ने गाइडलाइंस जारी करते हुए लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने की अपील की है.
IMA के दिशा निर्देशो में लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने की अपील की गई है.
साथ ही साबुन और पानी या सैनिटाइजर से नियमित रूप से हाथ धोने के लिए कहा गया है.
इसके अलावा सार्वजनिक समारोहों जैसे विवाह, राजनीतिक या सामाजिक बैठकों आदि से बचने की सलाह भी दी गई है.
इसके अलावा बुखार, गले में खराश, खांसी, लूज मोशन आदि जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
‘भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाएं’
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने लोगों को टीका लेने तथा भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनने की
सलाह दी है. उन्होंने लोगों से नहीं घबराने की अपील की और स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के दिशा-निर्देशों में
अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है. पॉल ने कहा, ‘लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना चाहिए.
जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या बुजुर्ग हैं, उन्हें विशेष रूप से इसका पालन करना चाहिए.’
ताजमहल में प्रवेश से पहले जांच शुरू
कोरोना (coronas) के बढ़ते खतरों के बीच ताजमहल प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है.
ताजमहल के दीदार के लिए एक बार फिर नए नियम बनाए गए हैं. आधिकारिक आदेश के अनुसार,
ताज के दीदार से पहले सभी टूरिस्टों को कोरोना की जांच करवानी पड़ेगी. आधिकारिक आदेश के मुताबिक, स्वास्थ्य
विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यहां टेस्टिंग शुरू कर दी है.आगरा के जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी
अनिल सत्संगी ने बताया कि सभी आगंतुकों के कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है.
पीएम मोदी की उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक की.
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
के अलावा कई शीर्ष अधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी शामिल हुए. प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक देश में ओमिक्रॉन
के सब वेरिएंट BA.7 के चार मामलों के मिलने के बाद बुलाई गई है.
बता दें कि चीन में कोरोना के मामलों आए बड़े उछाल के लिए वायरस का यही वेरिएंट सबसे ज्यादा जिम्मेदार है.
‘एयर सुविधा’ फॉर्म हो सकता है अनिवार्य
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय यात्रा से 72 घंटे पहले की गई आरटी-पीसीआर जांच के विवरण या चीन और अन्य देशों से
आने वाले यात्रियों के लिए पूर्ण टीकाकरण प्रमाण की जानकारी देने संबंधी ‘एयर सुविधा’ फॉर्म को फिर से
अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा था कि दुनिया के कुछ हिस्सों में मामलों में हाल में हुई
वृद्धि के कारण चीन और अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर कोरोना वायरस के लिए
नमूनों की औचक (रैंडम) जांच की जायेगी. एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘
स्वास्थ्य मंत्रालय यात्रा से 72 घंटे पहले की गई आरटी-पीसीआर जांच के विवरण या चीन और अन्य देशों से आने
वाले यात्रियों के लिए पूर्ण टीकाकरण प्रमाण की जानकारी देने संबंधी ‘एयर सुविधा’ फॉर्म को फिर से शुरू करने पर
विचार कर रहा है.’ सूत्र ने बताया कि कुछ सप्ताह तक स्थिति पर नजर रखने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा.
मास्क को लेकर क्या बोले CM योगी?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को मास्क पहनने के लिये
जागरूक करने और संक्रमण के हर मामले की जीनोम अनुक्रमण कराने के निर्देश दिए.
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोविड प्रबंधन के लिए
गठित उच्चस्तरीय टीम के साथ प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
आदित्यनाथ ने कहा कि चीन सहित दुनिया के कई देशों में पिछले एक हफ्ते से कोविड संक्रमण के मामलों में
वृद्धि हुई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में हालात सामान्य हैं और पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में एक भी
नया मामला सामने नहीं आया है, फिर भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है. घबराने की नहीं,
बल्कि सर्तकता व सावधानी बरतने की आवश्यकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि
संक्रमण के बचने के लिये कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना होगा. अस्पतालों, बस, रेलवे स्टेशन, बाजारों
जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाए जाने के बारे में लोगों को जागरूक करें.
