NASA को 24 लोगों की तलाश, बिस्तर में लेटे रहने के लिए मिलेगी 1.5 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी

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NASA को 24 लोगों की तलाश, बिस्तर में लेटे रहने के लिए मिलेगी 1.5 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA में केवल वैज्ञानिक और रिसर्चर्स ही लाखों में कमा सकते हैं,

ऐसा नहीं है। एजेंसी अब 24 ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो करीब दो महीने का वक्त बिस्तर पर बिताना चाहते हैं।

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ऐसा करने के बदले एजेंसी की ओर से 1 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी दी जाएगी।

तो अगर आपको या आपके किसी दोस्त को सोना पसंद हैं, तो इस मौके के बारे में जरूर जानना चाहेंगे।

जाहिर सी बात है कि कंपनी का मकसद इस तरह लोगों को बिस्तर में लिटाकर उनसे जुड़ा डाटा इकट्ठा करना है

और इन लोगों को खास तरह के तैयार किए गए माहौल में कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण में समय बिताना होगा।

एजेंसी समझना चाहती है कि ऐसी परिस्थिति में लंबा वक्त बिताने के बाद इंसानी शरीर पर

क्या प्रभाव पड़ सकते हैं और इसके प्रत्यक्ष व दूरगामी परिणाम क्या हो सकते हैं।

ऐसा करने पर मिलेंगे 1.53 लाख रुपये

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) और NASA का जर्मन एयरोस्पेस सेंटर साथ साथ मिलकर

आर्टिफीशियल ग्रेविटी बेड रेस्ट स्टडी (AGBRESA) कर रहा है। इस स्टडी का हिस्सा बनने वाले

वॉलेंटियर्स को कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण में करीब दो महीने का वक्त बिस्तर में आराम करते हुए बिताना होगा।

बदले में वॉलेंटियर्स को 18,500 डॉलर (करीब 1,530,000 रुपये) दिए जाएंगे।

इसलिए यह प्रयोग कर रही है अंतरिक्ष एजेंसी

अंतरिक्ष में जाने वाले यात्री और वैज्ञानिक अभी शून्य-गुरुत्वाकर्षण में काम और प्रयोग करते हैं,

जिसके कुछ नकारात्मक प्रभाव शरीर पर पड़ते हैं। एजेंसी पहली बार कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण की संभावना को

परखना चाहती है और इसके लिए टेस्ट कर रही है। इस टेस्ट का हिस्सा बनने के लिए 24 से 55 साल के बीच की

उम्र वाले ऐसे 12 पुरुष और 12 महिला वॉलेंटियर्स की जरूरत है, जिन्हें जर्मन भाषा आती हो।

लेटे-लेटे ही करने होंगे सारे जरूरी काम

वॉलेंटियर्स के लिए ये बेड जर्मन एयरोस्पेस सेंटर की एयरोस्पेस मेडिसिन इंस्टीट्यूट में तैयार किए गए हैं।

वॉलेंटियर्स को ओरियंटेशन से लेकर कुल 89 दिन का वक्त यहां बिताना होगा,

जिनमें पूरे 60 दिन की बेड रेस्ट भी शामिल है। इस दौरान उन्हें खाने-पीने और रोजमर्रा के सारे

जरूरी काम बेड पर लेटे-लेटे ही करने होंगे और किसी तरह का मूवमेंट नहीं करना होगा।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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