कर्ज में डूबे पाकिस्तान को अब dogs व गधों का सहारा, चीन को निर्यात करने की कर रहा तैयारी
आर्थिक मोर्चे पर लंबे समय से बदहाल पाकिस्तान की कमर बाढ़ ने पूरी तरह से तोड़ दी.
बाढ़ ने पाक सरकार की कई उम्मीदों को डुबो दिया. देश को संकट से उबारने में लगी
पाकिस्तान की सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसी कड़ी में उसे अब गधों और dogs से उम्मीद जगी है.
दरअसल, चीन पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को आयात करना चाहता है.
पिछले दिनों चीन ने रखी थी मांग
पिछले दिनों सीनेटर जीशान खानजादा की अध्यक्षता में वाणिज्य पर सीनेट की स्थायी
समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कि इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट पर बात हुई.
इस बैठक की ब्रीफिंग के दौरान वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा
कि चीन पाकिस्तान से गधों और dogs को खरीदना चाहता है और सरकार इस पर काम कर रही है.
समिति सदस्य मिर्जा मोहम्मद अफरीदी ने कहा कि अफगानिस्तान में जानवर सस्ते हैं,
लेकिन कोई खरीदार नहीं है. ऐसे में चीन पाकिस्तान से ही इनकी खरीद चाहता है.
चीन पहले भी पाकिस्तान और दूसरे देशों से इस तरह के मांग मंगाता रहा है.
कोरोना के कारण चीन ने दूसरे देशों से मांस खरीदना मंगाना बंद कर दिया था.
साल 2021 में चीन ने 9.38 मीलियन टन मीट आयात किया था जो कि 2020 में 9.91 मीलियन टन था.
चीन को क्यों चाहिए गधे और कुत्ते
दरअसल, चीन में कुत्तों का मीट खाया जाता है. इसके अलावा गधे का इस्तेमाल
इजिओ नाम की दवा बनाने में किया जाता है. चीन का दावा है कि
इस दवाई से एनीमिया, नींद न आना, सर्दी-जुकाम और दूसरी तमाम बीमारियां ठीक होती हैं.
इसके अलावा उम्र का प्रभाव भी कम नजर आता है. हालांकि
इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. चीन में यह दवाई पारंपरिक है.
पहले भी पाक से इन्हें खरीद चुका है चीन
बता दें कि चीन इससे पहले भी पाकिस्तान से गधे खरीद चुका है. साल 2017 में
तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने ‘गधा विकास कार्यक्रम’ के तहत
खैबर पख्तूनख्वा में चीनी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गधे रखे थे. इस दौरान डील भी हुई थी.
